7 Apr 2026, Tue

कब की गई थी भारतीय जनता पार्टी की स्थापना, कौन थे इसके पहले अध्यक्ष? जानिए तब से अब तक की कहानी

भाजपा स्थापना दिवस: 2 सीटों से सत्ता के शिखर तक का सफर

6 अप्रैल भारतीय राजनीति के लिए एक अहम तारीख है। इसी दिन साल 1980 में भारतीय जनता पार्टी की स्थापना हुई थी। आज यह पार्टी न केवल भारत की सबसे बड़ी राजनीतिक ताकतों में शामिल है, बल्कि सदस्य संख्या के आधार पर दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी भी मानी जाती है। केंद्र में 2014 से लगातार सत्ता में रहने के साथ-साथ देश के 20 से अधिक राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में भाजपा या उसके सहयोगियों की सरकार है।

भाजपा का इतिहास भारतीय जनसंघ से जुड़ा हुआ है, जिसकी स्थापना 1951 में श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने की थी। जनसंघ राष्ट्रवादी विचारधारा और हिंदुत्व आधारित राजनीति के लिए जाना जाता था और इसे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का वैचारिक समर्थन प्राप्त था।

1975-77 के आपातकाल के बाद कई विपक्षी दलों ने मिलकर जनता पार्टी का गठन किया, जिसमें जनसंघ भी शामिल था। हालांकि, वैचारिक मतभेदों के कारण यह गठबंधन ज्यादा समय तक नहीं टिक पाया। इसके बाद 1980 में भाजपा का गठन हुआ, जिसने जनसंघ की विचारधारा को आगे बढ़ाया।

भाजपा के पहले राष्ट्रीय अध्यक्ष अटल बिहारी वाजपेयी बने। उनकी नेतृत्व क्षमता, उदार छवि और प्रभावशाली वक्तृत्व शैली ने पार्टी को शुरुआती दौर में पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

हालांकि, पार्टी का शुरुआती सफर आसान नहीं रहा। 1984 के लोकसभा चुनाव में, इंदिरा गांधी की हत्या के बाद सहानुभूति लहर के चलते भाजपा को केवल 2 सीटों पर जीत मिली। यह पार्टी के लिए बड़ा झटका था।

इसके बाद लाल कृष्ण आडवाणी के नेतृत्व में पार्टी ने राम जन्मभूमि आंदोलन को प्रमुख मुद्दा बनाया, जिससे भाजपा का जनाधार तेजी से बढ़ा। 1989 में पार्टी को 85 सीटें मिलीं और 1991 में यह संख्या बढ़कर 120 हो गई।

1996 में भाजपा पहली बार लोकसभा में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी और अटल बिहारी वाजपेयी प्रधानमंत्री बने, हालांकि उनकी सरकार केवल 13 दिन ही चल सकी। इसके बाद 1998 और 1999 में भाजपा के नेतृत्व में सरकार बनी। 1999 में बनी सरकार ने अपना पूरा कार्यकाल पूरा किया, जो पार्टी के लिए बड़ी उपलब्धि थी।

2004 से 2014 तक भाजपा विपक्ष में रही, लेकिन इस दौरान उसने अपने संगठन और रणनीति को मजबूत किया। 2014 में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा ने पूर्ण बहुमत हासिल कर केंद्र में सरकार बनाई। 2019 में भी पार्टी ने भारी बहुमत के साथ सत्ता बरकरार रखी।

2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा को कुछ नुकसान जरूर हुआ, लेकिन राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन ने बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया और नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लगातार तीसरी बार सरकार बनी।

कुल मिलाकर, भाजपा का सफर भारतीय राजनीति में एक महत्वपूर्ण उदाहरण है—जहां एक पार्टी ने 2 सीटों से शुरुआत कर देश की सबसे बड़ी राजनीतिक शक्ति बनने तक का लंबा और संघर्षपूर्ण रास्ता तय किया।

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