22 Mar 2026, Sun

कनाडा में 80 साल में हुई सबसे बड़ी जनसंख्या गिरावट, अंतरराष्ट्रीय छात्रों की संख्या घटना भी मानी जा रही वजह

कनाडा में अंतरााष्ट्रीय छात्रों की संख्या में भारी कमी के चलते 80 साल में सबसे बड़ी त्रैमासिक जनसंख्या गिरावट दर्ज की गई है। स्टेटिस्टिक्स कनाडा (StatCan) की रिपोर्ट के अनुसार 2025 की दूसरी और तीसरी तिमाही के बीच देश की जनसंख्या में 76,068 लोगों की कमी हुई, जो कुल जनसंख्या का 0.2% है। यह गिरावट 1946 के बाद किसी त्रैमासिक अवधि में सबसे तेज है।

रिपोर्ट के मुताबिक, इस गिरावट का मुख्य कारण गैर-स्थायी निवासियों (Temporary Residents) की संख्या में भारी कमी है। 1 जुलाई 2025 को कनाडा में गैर-स्थायी निवासियों की संख्या 3,024,216 थी, जो 1 अक्टूबर 2025 तक घटकर 2,847,737 रह गई। इस गिरावट में बड़े पैमाने पर डिपोर्टेशन और वीजा कटौती का असर शामिल है।

विशेष रूप से भारतीय छात्रों पर इसका सीधा असर पड़ा। इमिग्रेशन, रेफ्यूजीज एंड सिटिजनशिप कनाडा (IRCC) के आंकड़ों के अनुसार, जुलाई से सितंबर 2025 के बीच कुल 146,505 स्टडी परमिट जारी किए गए, जिनमें केवल 24,030 भारतीय छात्रों को परमिट मिला, जो कुल का 16.4% है। पिछले साल इसी अवधि में भारतीय छात्रों को लगभग 52,425 परमिट मिले थे, जो कुल स्टडी वीजा का लगभग 30% था।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह गिरावट पूर्व प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो की नीतियों का परिणाम है, जिनमें अस्थायी निवासियों और अंतरराष्ट्रीय छात्रों की संख्या को कम करने पर जोर दिया गया। सितंबर 2025 में भारतीय छात्रों को 49,350 में से केवल 8,400 वीजा जारी किए गए, जबकि 2024 में इसी अवधि में 46,230 में से 14,385 वीजा दिए गए थे।

सरकार ने 2026 के स्टडी परमिट के लिए कुल संख्या 408,000 पर सीमित करने का अनुमान लगाया है। इसमें नए छात्रों के लिए 155,000 वीजा और वर्तमान/लौटने वाले छात्रों के लिए 253,000 वीजा एक्सटेंशन शामिल हैं। यह संख्या 2025 के लक्ष्य 437,000 से 7% कम और 2024 के लक्ष्य 485,000 से 16% कम है।

IRCC ने कहा कि 2024 में पहली बार पेश की गई कैप नीति अस्थायी जनसंख्या वृद्धि को धीमा करने में प्रभावी रही। जनवरी 2024 में स्टडी परमिट धारकों की संख्या एक मिलियन से अधिक थी, लेकिन सितंबर 2025 तक यह लगभग 725,000 रह गई। नए इमिग्रेशन लेवल्स प्लान के अनुसार, कनाडा अब हर वर्ष केवल 155,000 नए अंतरराष्ट्रीय छात्रों को स्वीकार करेगा, जो 2027-2028 में 150,000 तक कम हो जाएगा।

इस नीति बदलाव का प्रभाव भारतीय छात्रों पर सबसे ज्यादा पड़ा। लगातार वीजा कटौती और परमिट में कमी ने न केवल छात्रों की संख्या घटाई, बल्कि कनाडा की जनसंख्या वृद्धि दर पर भी गंभीर असर डाला। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि यह नीति जारी रही, तो कनाडा के श्रम शक्ति बाजार और शिक्षा क्षेत्र पर भी दीर्घकालीन असर पड़ सकता है।

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