सुपर आठ से पहले जिम्बाब्वे का बड़ा बयान: ‘अंडरडॉग’ टैग से कोई परेशानी नहीं
नई दिल्ली। आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2026 में शानदार प्रदर्शन कर सबको चौंकाने वाली जिम्बाब्वे की टीम अब सुपर आठ चरण में नई चुनौती के लिए तैयार है। भारत और श्रीलंका की मेजबानी में खेले जा रहे इस टूर्नामेंट में जिम्बाब्वे अभी तक अजेय रही है। अब उसका सामना मौजूदा चैंपियन भारत, दो बार के चैंपियन वेस्टइंडीज और 2024 फाइनलिस्ट दक्षिण अफ्रीका से होना है। इन बड़े मुकाबलों से पहले जिम्बाब्वे के सहायक कोच डॉयन इब्राहिम ने बड़ा बयान दिया है।
‘अंडरडॉग’ कहलाने में कोई दिक्कत नहीं
समाचार एजेंसी पीटीआई से बातचीत में डॉयन इब्राहिम ने कहा कि भारत के खिलाफ मैच से पहले टीम को ‘अंडरडॉग’ कहा जाना उन्हें बिल्कुल परेशान नहीं करता। उन्होंने साफ कहा कि रैंकिंग और अनुभव के आधार पर भले ही जिम्बाब्वे को कमजोर आंका जाए, लेकिन टीम इसी मानसिकता के साथ खेलना पसंद करती है।
इब्राहिम ने कहा, “जब हम इस वर्ल्ड कप में आए थे, तब भी हमें ग्रुप में अंडरडॉग माना जा रहा था। लेकिन हमने अपने प्रदर्शन से जवाब दिया। अंडरडॉग होने का फायदा यह है कि हमारे ऊपर कोई अतिरिक्त दबाव नहीं होता।”
दबाव मेजबान पर, हम आजाद होकर खेलते हैं
कोच ने बताया कि भारतीय परिस्थितियों में खेलने वाली टीम पर ज्यादा दबाव रहता है। उन्होंने कहा कि जब मुकाबला भारत से होता है, तो घरेलू फैंस की उम्मीदें और माहौल दूसरी टीम के मुकाबले मेजबान पर अधिक दबाव बनाते हैं।
इब्राहिम ने जिम्बाब्वे के कप्तान सिकंदर रजा का जिक्र करते हुए कहा कि अंडरडॉग होने से टीम खुलकर खेल पाती है। “हम बिना किसी बोझ के मैदान पर उतरते हैं। सारा दबाव विरोधी टीम पर होता है, खासकर तब जब वे घरेलू हालात में खेल रहे हों।”
सबसे बड़ी चुनौती—मौके से घबराना नहीं
कोच ने माना कि सुपर आठ में मुकाबले कठिन होंगे, लेकिन टीम ने मानसिक और रणनीतिक दोनों स्तर पर पूरी तैयारी की है। उन्होंने कहा, “हमारे लिए सबसे अहम है कि हम इस मौके से या भीड़ के माहौल से घबराएं नहीं। जब भारतीय टीम लय में होती है, तो माहौल अलग ही स्तर का हो जाता है। हमें संयम बनाए रखना होगा।”
इब्राहिम ने यह भी जोड़ा कि तैयारी और योजना के स्तर पर टीम ने सभी जरूरी कदम उठाए हैं और वे इस बात को लेकर आश्वस्त हैं कि मैदान पर सही फैसले लिए जाएंगे।
ग्रुप स्टेज में रहा दमदार प्रदर्शन
जिम्बाब्वे ने इस टूर्नामेंट में अब तक चार मुकाबले खेले हैं, जिनमें से तीन में जीत दर्ज की है, जबकि एक मैच बारिश के कारण रद्द हो गया। टीम ने सबसे बड़ा उलटफेर तब किया जब उसने ऑस्ट्रेलिया को 23 रन से हराया। इसके बाद श्रीलंका के खिलाफ 6 विकेट से जीत दर्ज कर अपनी दावेदारी और मजबूत कर दी।
अब सुपर आठ में जिम्बाब्वे का सामना भारत से होगा, जिसके बाद वेस्टइंडीज और दक्षिण अफ्रीका से भिड़ंत होगी। अगर टीम इसी आत्मविश्वास और बेखौफ अंदाज में खेलती रही, तो टूर्नामेंट में और बड़े उलटफेर देखने को मिल सकते हैं।
जिम्बाब्वे ने अब तक यह साबित किया है कि क्रिकेट में नाम और इतिहास से ज्यादा मायने मौजूदा फॉर्म और आत्मविश्वास का होता है। सुपर आठ में उनकी असली परीक्षा अब शुरू होने जा रही है।

