1 Mar 2026, Sun

ईरान पर हमला करने के बाद नेतन्याहू का पहला बयान, कहा- ‘अपना भाग्य खुद तय करेंगे ईरानी’

IsraelUnited States का ईरान पर संयुक्त सैन्य हमला, नेतन्याहू बोले- ‘सुरक्षा के लिए जरूरी कदम’

तेल अवीव/वॉशिंगटन/तेहरान: मध्य पूर्व में तनाव खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। इजरायल और अमेरिका ने मिलकर ईरान पर बड़ा संयुक्त सैन्य अभियान शुरू किया है। इस कार्रवाई को इजरायल की सेना ने ‘ऑपरेशन रोरिंग लायन’ नाम दिया है। दोनों देशों का कहना है कि यह हमला ईरान की ओर से पैदा हो रहे गंभीर सुरक्षा खतरे को रोकने के लिए किया गया है।

इजरायल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने राष्ट्र को संबोधित करते हुए कहा कि यह ऑपरेशन देश की सुरक्षा और भविष्य की रक्षा के लिए आवश्यक था। उन्होंने कहा, “मेरे भाइयों और बहनों, इजरायल के नागरिकों, अभी एक घंटे पहले इजरायल और अमेरिका ने ईरान के आतंकवादी शासन से आने वाले बड़े खतरे को खत्म करने के लिए एक ऑपरेशन शुरू किया है।”

नेतन्याहू ने अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump का विशेष रूप से आभार जताया और उनकी नेतृत्व क्षमता को ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि पिछले कई दशकों से ईरान का शासन ‘इजरायल की मौत’ और ‘अमेरिका की मौत’ जैसे नारे लगाता रहा है और क्षेत्रीय अस्थिरता को बढ़ावा देता रहा है। उनका दावा है कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना इस अभियान का प्रमुख उद्देश्य है।

ईरानी जनता से अपील

नेतन्याहू ने अपने संबोधन में ईरान के लोगों से भी सीधे संवाद किया। उन्होंने फारसी, कुर्द, अजरबैजानी, बलोच और अहवाज़ी समुदायों का उल्लेख करते हुए कहा कि अब समय आ गया है कि वे “अत्याचार की जंजीरों से मुक्त होकर” एक स्वतंत्र और शांतिपूर्ण ईरान का निर्माण करें। उनके इस बयान को क्षेत्रीय राजनीति में बड़ा संकेत माना जा रहा है।

अमेरिका की सख्त चेतावनी

हमले से पहले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरानी सेना और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड के सदस्यों को चेतावनी दी थी कि वे हथियार डाल दें, अन्यथा “निश्चित मौत” का सामना करने के लिए तैयार रहें। ट्रंप ने अपने संबोधन में कहा कि यह सैन्य कार्रवाई ईरान के परमाणु और सामरिक ठिकानों को निशाना बनाकर की जा रही है। उन्होंने कहा कि अगर ईरानी बल आत्मसमर्पण करते हैं तो उनके साथ “निष्पक्ष और पूर्ण छूट” के साथ व्यवहार किया जाएगा।

‘ऑपरेशन रोरिंग लायन’ का उद्देश्य

इजरायली डिफेंस फोर्स (IDF) ने बयान जारी कर कहा कि यह संयुक्त ऑपरेशन ईरानी सैन्य ढांचे को कमजोर करने और भविष्य में संभावित हमलों को रोकने के लिए है। IDF के अनुसार, यह कार्रवाई चरणबद्ध तरीके से की जा रही है और सुरक्षा एजेंसियां उच्च सतर्कता पर हैं।

बढ़ता क्षेत्रीय तनाव

इस संयुक्त हमले के बाद पूरे मध्य पूर्व में तनाव और बढ़ गया है। ईरान की ओर से संभावित जवाबी कार्रवाई की आशंका जताई जा रही है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने दोनों पक्षों से संयम बरतने की अपील की है। ऊर्जा बाजार, खासकर कच्चे तेल की कीमतों पर भी इसका असर देखने को मिल सकता है।

फिलहाल हालात तेजी से बदल रहे हैं और दुनिया की नजरें इस टकराव पर टिकी हुई हैं।

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