ईरान के नए सुप्रीम लीडर मुज्तबा खामेनेई का बड़ा बयान, अमेरिका-इजरायल को दी खुली चुनौती
पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच ईरान के नए सुप्रीम लीडर मुज्तबा खामेनेई ने शुक्रवार को बड़ा बयान जारी करते हुए अमेरिका और इजरायल को खुली चुनौती दी है। उन्होंने साफ कहा कि शीर्ष नेताओं को निशाना बनाकर ईरान की सरकार को कमजोर करने की कोशिश नाकाम रही है।
मुज्तबा खामेनेई का यह लिखित बयान फारसी नववर्ष नवरोज़ के मौके पर जारी किया गया, जिसे ईरानी टेलीविजन पर पढ़कर सुनाया गया। बयान में उन्होंने कहा कि दुश्मनों को यह भ्रम था कि शीर्ष नेतृत्व को खत्म कर ईरान में डर और अस्थिरता पैदा की जा सकती है, लेकिन देश की जनता ने एकजुट होकर इस योजना को विफल कर दिया।
उन्होंने कहा कि ईरानी नागरिकों ने “राष्ट्रव्यापी रक्षात्मक मोर्चा” तैयार किया, जिसमें शहरों, मोहल्लों और मस्जिदों को मजबूत गढ़ में बदल दिया गया। इस एकजुटता ने विरोधी देशों को चौंका दिया और उनकी रणनीति को कमजोर कर दिया। खामेनेई ने इसे ईरान की जनता की दृढ़ता और देशभक्ति का उदाहरण बताया।
गौरतलब है कि मुज्तबा खामेनेई को सत्ता संभालने के बाद से सार्वजनिक रूप से नहीं देखा गया है। उन्होंने अपने पिता अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत के बाद यह पद संभाला था, जिनकी युद्ध के शुरुआती दिनों में हमले में मौत हो गई थी। इस दौरान उनके घायल होने की भी खबरें सामने आई थीं, हालांकि ताजा बयान से यह साफ संकेत मिला है कि वह सक्रिय हैं और नेतृत्व कर रहे हैं।
अपने बयान में खामेनेई ने पिछले एक साल के दौरान तीन प्रमुख “युद्धों” का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पहला संघर्ष जून में हुआ, जब इजरायल ने अमेरिका की मदद से हमला किया, जिसमें सैकड़ों नागरिक मारे गए। दूसरा संघर्ष उन्होंने “तख्तापलट की साजिश” बताया, जिसमें देश के भीतर अस्थिरता फैलाने की कोशिश की गई। तीसरा और वर्तमान युद्ध, उनके अनुसार, उनके पिता की मौत के साथ शुरू हुआ।
खामेनेई ने इस दौरान सुरक्षा बलों, सेना, रिवॉल्यूशनरी गार्ड और अन्य इकाइयों के शहीदों को श्रद्धांजलि भी दी और उनके परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि ईरान की सुरक्षा और संप्रभुता की रक्षा के लिए देश के लोग हर चुनौती का सामना करने के लिए तैयार हैं।
अपने संदेश में उन्होंने क्षेत्रीय देशों से भी शांति और एकता की अपील की। पाकिस्तान और अफगानिस्तान से उन्होंने बेहतर संबंध बनाए रखने और आपसी मतभेदों को दूर करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि मुस्लिम देशों के बीच विभाजन केवल दुश्मनों को फायदा पहुंचाता है।
इसके अलावा, उन्होंने तुर्की और ओमान के साथ अच्छे संबंधों का जिक्र करते हुए कहा कि इन देशों में हुए हमलों के पीछे ईरान का कोई हाथ नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह “फॉल्स फ्लैग ऑपरेशन” हो सकते हैं, जिनका मकसद ईरान और उसके पड़ोसियों के बीच तनाव पैदा करना है।
कुल मिलाकर, मुज्तबा खामेनेई का यह बयान संकेत देता है कि ईरान न केवल सैन्य स्तर पर, बल्कि कूटनीतिक और वैचारिक मोर्चे पर भी अपने विरोधियों का सामना करने के लिए तैयार है। इससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।

