1 Apr 2026, Wed

‘ईरानी शासन को कुचला जा रहा, तय है उसका ढहना’; जानें PM नेतन्याहू ने और क्या कहा

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने हाल ही में राष्ट्र को संबोधित करते हुए ईरान के खिलाफ जारी सैन्य अभियान को बड़ी सफलता बताया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका के साथ मिलकर चलाया जा रहा यह संयुक्त अभियान प्रभावी रूप से आगे बढ़ रहा है और इससे ईरान के इस्लामी शासन को गंभीर नुकसान पहुंच रहा है। नेतन्याहू ने दावा किया कि इस अभियान के जरिए इजरायल के सामने मौजूद अस्तित्व के खतरे को धीरे-धीरे समाप्त किया जा रहा है।

अपने संबोधन में उन्होंने यह भी कहा कि इजरायल अब पहले से कहीं ज्यादा मजबूत स्थिति में है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि पूरी दुनिया इस संघर्ष को देख रही है और समझ रही है कि इजरायल किस प्रकार के खतरे का सामना कर रहा था। हालांकि, उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि इन सफलताओं की एक बड़ी कीमत चुकानी पड़ी है और इस दौरान कई सैनिकों ने अपनी जान गंवाई है। उन्होंने लेबनान में मारे गए सैनिकों के प्रति शोक व्यक्त किया और उनके परिवारों के प्रति संवेदना जताई।

नेतन्याहू ने यह भी खुलासा किया कि इजरायल क्षेत्र के कई महत्वपूर्ण देशों के साथ नए गठबंधन बना रहा है। हालांकि उन्होंने इन देशों के नाम सार्वजनिक नहीं किए, लेकिन संकेत दिया कि आने वाले समय में इन गठबंधनों की जानकारी सामने लाई जाएगी। उनका कहना था कि ईरान के बढ़ते प्रभाव और उसके खतरे को देखते हुए क्षेत्रीय सहयोग बेहद जरूरी हो गया है।

ईरान पर निशाना साधते हुए नेतन्याहू ने कहा कि उसने पिछले कई दशकों में भारी मात्रा में धन परमाणु कार्यक्रम, बैलिस्टिक मिसाइलों और क्षेत्रीय आतंकी संगठनों को समर्थन देने में खर्च किया है। उनके अनुसार, ईरान ने लगभग एक ट्रिलियन डॉलर इन गतिविधियों पर खर्च किए, लेकिन अब यह निवेश व्यर्थ साबित हो रहा है। उन्होंने दावा किया कि इजरायल और उसके सहयोगियों की कार्रवाई से ईरान की क्षमताएं लगातार कमजोर हो रही हैं।

प्रधानमंत्री ने 7 अक्टूबर 2023 के बाद की घटनाओं का भी जिक्र किया और कहा कि इस अवधि में कई प्रमुख नेताओं और सैन्य अधिकारियों को निशाना बनाया गया है। उन्होंने यह दावा किया कि इन कार्रवाइयों ने ईरान और उससे जुड़े संगठनों को काफी कमजोर कर दिया है।

अपने भाषण के अंत में नेतन्याहू ने कहा कि इजरायल ने दुनिया को ईरान के खतरे के प्रति जागरूक करने में सफलता हासिल की है। उनका कहना था कि पहले कई देश इस खतरे को नजरअंदाज करते थे, लेकिन अब स्थिति बदल रही है और अधिक देश इसे गंभीरता से ले रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ देश भले ही सार्वजनिक रूप से न बोलें, लेकिन निजी तौर पर वे इजरायल की चिंताओं से सहमत हैं।

अमेरिका के साथ मजबूत साझेदारी का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि दोनों देशों की संयुक्त रणनीति ने ईरान को बड़ा झटका दिया है। उनके अनुसार, ईरान की स्थिति अब कमजोर हो चुकी है और भविष्य में उसके शासन के गिरने की संभावना बढ़ गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह अभियान अभी जारी रहेगा और तब तक नहीं रुकेगा जब तक खतरा पूरी तरह खत्म नहीं हो जाता।

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