यमन के हूती विद्रोहियों का इजरायल पर पहला मिसाइल हमला, मिडिल ईस्ट तनाव और गहराया
मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध के बीच एक और बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। Yemen के हूती विद्रोहियों ने पहली बार सीधे Israel को निशाना बनाते हुए मिसाइल दागी है। इजरायली सेना के अनुसार, शनिवार सुबह दागी गई इस मिसाइल को एयर डिफेंस सिस्टम ने इंटरसेप्ट कर लिया, जिससे किसी बड़े नुकसान को टाल दिया गया। शुरुआती रिपोर्ट्स में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।
इजरायल डिफेंस फोर्स (IDF) ने बताया कि “ऑपरेशन रोअरिंग लायन” शुरू होने के बाद यह यमन की ओर से पहला सीधा हमला है। मिसाइल के अलर्ट के बाद दक्षिणी इजरायल के बीर शेबा और नेगेव इलाके में सायरन बजाए गए, जिससे लोगों में दहशत का माहौल बन गया। हालांकि, रक्षा प्रणाली की तत्परता के कारण स्थिति जल्द ही नियंत्रण में आ गई।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह हमला क्षेत्रीय संघर्ष के और अधिक विस्तार का संकेत है। हूती विद्रोहियों को Iran का समर्थन प्राप्त है, और यह हमला ईरान समर्थित गुटों की बढ़ती सक्रियता को दर्शाता है। पिछले कुछ समय से इजरायल, अमेरिका और ईरान के बीच तनाव चरम पर है, और अब इसमें यमन की सीधी भागीदारी ने हालात को और जटिल बना दिया है।
इस हमले से एक दिन पहले ही यमन की सशस्त्र सेनाओं ने चेतावनी दी थी कि यदि इजरायल और अमेरिका ईरान या उसके सहयोगियों पर हमले जारी रखते हैं, तो वे सीधे युद्ध में शामिल हो जाएंगे। यमन के सैन्य प्रवक्ता ने कहा था कि उनकी सेना “पूर्ण सैन्य हस्तक्षेप के लिए तैयार” है। इस बयान के बाद हुए मिसाइल हमले को उसी चेतावनी का हिस्सा माना जा रहा है।
हूती विद्रोहियों ने यह भी कहा है कि अगर लाल सागर का उपयोग ईरान या अन्य मुस्लिम देशों के खिलाफ सैन्य कार्रवाई के लिए किया गया, तो वे इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे। इस बयान ने समुद्री व्यापार मार्गों की सुरक्षा को लेकर भी अंतरराष्ट्रीय चिंता बढ़ा दी है। लाल सागर और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज जैसे मार्ग वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं।
इजरायल की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि वह किसी भी खतरे से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है और अपनी सुरक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठाएगा। वहीं, अंतरराष्ट्रीय समुदाय लगातार कूटनीतिक समाधान की अपील कर रहा है, ताकि यह संघर्ष बड़े क्षेत्रीय युद्ध में न बदल जाए।
इस घटनाक्रम ने यह स्पष्ट कर दिया है कि मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष अब कई मोर्चों पर फैल चुका है। पहले जहां यह टकराव मुख्य रूप से इजरायल और ईरान के बीच सीमित था, अब इसमें यमन जैसे देश भी सक्रिय भूमिका निभाने लगे हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, अगर समय रहते कूटनीतिक समाधान नहीं निकाला गया, तो यह संघर्ष और अधिक देशों को अपनी चपेट में ले सकता है। फिलहाल, दुनिया की नजरें इस क्षेत्र पर टिकी हुई हैं, जहां हर नया दिन एक नई चुनौती और खतरे के साथ सामने आ रहा है।

