12 Feb 2026, Thu

इजरायली सेना ने लिया आतंकी हमले का बदला, गाजा में मचाई तबाही; अब तक 19 की मौत

गाजा सिटी: इजरायल और हमास के बीच सीजफायर के बावजूद गाजा में हिंसा जारी है। बुधवार दोपहर तक इजरायली सेना की भीषण गोलीबारी में कम से कम 19 लोग मारे गए, जिनमें ज्यादातर महिलाएं और बच्चे शामिल हैं। मृतकों में 5 बच्चे, जिनमें 5 महीने और 10 दिन के शिशु भी शामिल हैं, 7 महिलाएं और एक पैरामेडिक भी शामिल हैं।

इजरायली सेना ने कहा कि यह कार्रवाई उनके सैनिकों पर हुए आतंकवादी हमले का जवाब है। सेना ने यह भी स्पष्ट किया कि गाजा में हमले जारी रहेंगे। हाल ही में हुए इस हमले में एक इजरायली सैनिक गंभीर रूप से घायल हुआ।

गाजा में स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, 10 अक्टूबर 2025 को हमास के साथ हुए संघर्ष विराम के बाद से इजरायल की ओर से कई हमले किए जा चुके हैं। सीजफायर लागू होने के बावजूद अब तक इजरायली हमलों में 530 से अधिक फिलिस्तीनी मारे गए हैं।

गाजा शहर के शिफा अस्पताल के निदेशक डॉ. मोहम्मद अबू सेल्मिया ने कहा कि फिलिस्तीनी अब यह महसूस कर रहे हैं कि संघर्ष विराम केवल कागज पर है। उन्होंने फेसबुक पोस्ट में लिखा, “गाजा पट्टी में हमारे लोगों के खिलाफ नरसंहार का युद्ध जारी है। संघर्ष विराम कहां है? मध्यस्थ कहां हैं?”

इजरायली अधिकारियों ने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि गाजा पर हमले जारी रहेंगे। उनका कहना है कि इजरायल सिर्फ हमास के उल्लंघनों या अपने सैनिकों पर हुए आतंकवादी हमलों का जवाब दे रहा है। संघर्ष विराम लागू होने के बाद अब तक 4 इजरायली सैनिक मारे गए हैं।

गाजा में हालात बेहद गंभीर हैं। अस्पतालों में शवों और घायल लोगों की संख्या बढ़ रही है। स्थानीय नागरिकों ने बताया कि लगातार हमलों और गोलीबारी के कारण सुरक्षित स्थान पर रहना भी मुश्किल हो गया है। इसके साथ ही भोजन, पानी और स्वास्थ्य सेवाओं की कमी ने स्थिति को और भयावह बना दिया है।

इस बीच अमेरिका समर्थित संघर्ष विराम पर भी सवाल उठने लगे हैं। विश्लेषकों का कहना है कि अगर दोनों पक्ष संघर्ष विराम का पालन नहीं करेंगे, तो स्थिति और बिगड़ सकती है। गाजा में फिलिस्तीनी नागरिकों की सुरक्षा और जीवन रक्षा अब सबसे बड़ी चुनौती बन गई है।

विशेषज्ञों का कहना है कि मध्यस्थों की भूमिका अहम है। दोनों पक्षों को बातचीत और कूटनीति के जरिए ही स्थायी शांति स्थापित करनी होगी। फिलहाल, गाजा में जनता की सुरक्षा और हिंसा को रोकने के प्रयासों को तवज्जो देने की आवश्यकता है।

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