7 Apr 2026, Tue

आंध्र प्रदेश की राजधानी अमरावती है’, CM चंद्रबाबू नायडू ने किया ऐलान

अमरावती बनी आंध्र प्रदेश की एकमात्र राजधानी, लंबे समय का सस्पेंस खत्म

अमरावती: आंध्र प्रदेश की राजधानी को लेकर लंबे समय से जारी असमंजस अब खत्म हो गया है। राज्य सरकार ने आधिकारिक तौर पर घोषणा कर दी है कि Amaravati ही आंध्र प्रदेश की एकमात्र और स्थायी राजधानी होगी। इस फैसले के साथ ही राज्य में प्रशासनिक ढांचे को लेकर चल रही बहस पर विराम लग गया है।

मुख्यमंत्री N. Chandrababu Naidu और उपमुख्यमंत्री Pawan Kalyan ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व ट्विटर) पर इस फैसले की जानकारी साझा की। चंद्रबाबू नायडू ने स्पष्ट शब्दों में लिखा, “आंध्र प्रदेश की राजधानी अमरावती है,” जिससे इस मुद्दे पर अंतिम मुहर लग गई।

संसद से मिला कानूनी आधार

इस निर्णय को हाल ही में संसद के बजट सत्र में पारित हुए Andhra Pradesh Reorganisation (Amendment) Act, 2026 से कानूनी मजबूती मिली है। यह विधेयक लोकसभा और राज्यसभा दोनों में बहुमत से पारित हुआ था, जिसके बाद इसे राष्ट्रपति की मंजूरी भी प्राप्त हो गई।

मुख्यमंत्री नायडू ने राष्ट्रपति Droupadi Murmu का आभार जताते हुए कहा कि इस मंजूरी से राज्य के लोगों का वर्षों पुराना सपना साकार हुआ है। उन्होंने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री Narendra Modi का भी धन्यवाद किया, जिन्होंने इस दिशा में सहयोग और मार्गदर्शन दिया।

‘एक राजधानी’ की नीति पर मुहर

आंध्र प्रदेश के विभाजन के बाद से ही राजधानी को लेकर अलग-अलग प्रस्ताव सामने आते रहे थे। कभी तीन राजधानी मॉडल (विधायी, कार्यकारी और न्यायिक) की चर्चा हुई, तो कभी अमरावती को ही एकमात्र राजधानी बनाए रखने की मांग उठती रही।
अब राज्य सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि प्रशासनिक और राजनीतिक दृष्टि से केवल एक राजधानी होगी और वह अमरावती ही रहेगी।

विकास को मिलेगी रफ्तार

विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले से राज्य के विकास कार्यों को गति मिलेगी। एक ही राजधानी होने से प्रशासनिक फैसलों में स्पष्टता आएगी और संसाधनों का बेहतर उपयोग संभव होगा।
चंद्रबाबू नायडू पहले से ही अमरावती को एक आधुनिक, विश्वस्तरीय शहर के रूप में विकसित करने की योजना पर काम कर रहे हैं। अब इस आधिकारिक घोषणा के बाद इंफ्रास्ट्रक्चर, निवेश और शहरी विकास परियोजनाओं को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।

जनता की उम्मीदें बढ़ीं

अमरावती को राजधानी बनाए जाने का फैसला राज्य के लोगों के लिए भावनात्मक और व्यावहारिक दोनों रूप से महत्वपूर्ण है। इससे न केवल प्रशासनिक स्थिरता आएगी, बल्कि रोजगार, निवेश और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।

राजनीतिक और आर्थिक असर

इस निर्णय को Telugu Desam Party (टीडीपी) और एनडीए सरकार की बड़ी उपलब्धि के तौर पर देखा जा रहा है। इससे राज्य में राजनीतिक स्थिरता के साथ-साथ निवेशकों का भरोसा भी मजबूत होने की संभावना है।

कुल मिलाकर, Amaravati को स्थायी राजधानी घोषित किया जाना आंध्र प्रदेश के लिए एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है, जो आने वाले वर्षों में राज्य की विकास यात्रा को नई ऊंचाइयों तक ले जा सकता है।

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