इंडोनेशिया में अचानक धरती धंसी, विशाल सिंकहोल ने खेती और रोज़ी-रोटी को बनाया खतरे में
इंडोनेशिया के सेंट्रल आचेह रीजेंसी से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यहां खेत अचानक धंसने लगे और देखते ही देखते एक विशाल सिंकहोल का रूप ले लिया। यह गड्ढा करीब 3 हेक्टेयर तक फैल चुका है और आसपास के खेत लगातार इसमें समा रहे हैं। मिट्टी खिसकने की वजह से लैंडस्लाइड जैसी स्थिति बनी हुई है।
ड्रोन से ली गई तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि कैसे हरे-भरे खेत अचानक गहरे और डरावने गड्ढे में बदल गए। स्थानीय किसान इस प्राकृतिक आपदा से बेहद परेशान हैं, क्योंकि इससे उनकी रोज़ी-रोटी का गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया है।
किसानों की परेशानी
स्थानीय किसान सुमियाती, जिनकी उम्र 40 साल है, ने कहा कि उनकी मिर्च की खेती पूरी तरह तबाह हो चुकी है। उन्होंने बताया, “हमें सरकार से मुआवजे या नई जमीन की उम्मीद है, क्योंकि हमारी पूरी जमीन नष्ट हो चुकी है। अब यह अनिश्चित है कि हम भविष्य में कुछ उगा भी पाएंगे या नहीं।”
किसानों का कहना है कि बारिश हो या न हो, यहां लगातार लैंडस्लाइड होता रहता है। मिट्टी में चट्टानें नहीं हैं, इसलिए जब भी भू-ढलान होती है, भूकंप जैसी गड़गड़ाहट की आवाज़ सुनाई देती है। स्थानीय लोग अधिकारियों से तुरंत कार्रवाई की अपील कर रहे हैं, क्योंकि यह इलाका सैकड़ों मजदूरों और किसानों का जीवन निर्वाह करता है।
भूवैज्ञानिकों का विश्लेषण
भूवैज्ञानिकों के अनुसार, यहां की मिट्टी में ज्वालामुखी टफ़ और रेत का मिश्रण आसानी से पानी सोख लेता है, जिससे ढलान कमजोर हो जाता है। यही वजह है कि सिंकहोल अचानक बन सकते हैं और यह फैलते भी जा सकते हैं। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि यदि पानी के बहाव को नियंत्रित नहीं किया गया, तो यह गड्ढा और बड़ा हो सकता है।
सिंकहोल आम तौर पर तब बनते हैं जब जमीन के नीचे की चट्टानें या मिट्टी घुल जाती हैं या कट जाती हैं, जिससे खाली जगह बनती है और अंततः ऊपर की जमीन ढह जाती है। ऐसे गड्ढे अक्सर चूना पत्थर, कार्स्ट इलाके, रेतीली मिट्टी या तेज़ बारिश वाले क्षेत्रों में दिखाई देते हैं।
पिछले सिंकहोल की घटनाएं
इंडोनेशिया में यह पहला सिंकहोल नहीं है। 25 नवंबर, 2025 को पश्चिमी सुमात्रा में ट्विन ब्रिज इलाके के पास एक बड़ा सिंकहोल बन गया था, जिससे सड़क का एक हिस्सा धंस गया और लगभग 20-30 मीटर चौड़ा गैप बन गया। 11 फरवरी, 2026 को दक्षिणी चीन में भी एक विशाल सिंकहोल दिखाई दिया, जिसका वीडियो वायरल होने के बाद दुनिया का ध्यान उस पर गया।
भविष्य की तैयारी
स्थानीय प्रशासन और सरकार को चेतावनी दी गई है कि वे जल्दी से जल्दी प्रभावित क्षेत्र का सर्वे करें और किसानों को मुआवजा या नई जमीन मुहैया कराएं। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे सिंकहोल प्राकृतिक आपदा का हिस्सा हैं, लेकिन सही समय पर कार्रवाई करने से नुकसान कम किया जा सकता है।

