कर्नाटक हाई कोर्ट ने रणवीर सिंह को नोटिस जारी किया, 2 मार्च तक सख्त कार्रवाई पर रोक
अभिनेता Ranveer Singh से जुड़े एक विवादित मामले में Karnataka High Court ने नोटिस जारी किया है। यह मामला गोवा में आयोजित 56वें International Film Festival of India (IFFI) के दौरान कथित रूप से की गई एक टिप्पणी से जुड़ा है। अदालत ने अगली सुनवाई तक अभिनेता के खिलाफ किसी भी प्रकार की सख्त कार्रवाई पर अंतरिम रोक लगा दी है।
क्या है पूरा विवाद?
मिली जानकारी के अनुसार, फिल्म महोत्सव के दौरान रणवीर सिंह ने मंच पर फिल्म Kantara Chapter 1 में अभिनेता-निर्देशक Rishab Shetty द्वारा निभाए गए किरदार की नकल की थी। आरोप है कि इस प्रस्तुति के दौरान उन्होंने एक देवता के संदर्भ में आपत्तिजनक टिप्पणी की, जिसे लेकर विवाद खड़ा हो गया।
शिकायतकर्ताओं का दावा है कि अभिनेता की टिप्पणी धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाली थी। इसके बाद उनके खिलाफ औपचारिक शिकायत दर्ज कराई गई। मामला तूल पकड़ने के बाद रणवीर सिंह की ओर से राहत के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया गया।
हाई कोर्ट की टिप्पणी और अंतरिम राहत
मामले की सुनवाई के दौरान कर्नाटक हाई कोर्ट ने संबंधित पक्षों को नोटिस जारी करते हुए अपनी आपत्तियां दर्ज कराने का निर्देश दिया। अदालत ने स्पष्ट किया कि 2 मार्च को अगली सुनवाई तक राज्य सरकार रणवीर सिंह के खिलाफ कोई कठोर या दंडात्मक कार्रवाई नहीं करेगी।
यह अंतरिम राहत अभिनेता के लिए बड़ी राहत मानी जा रही है। कोर्ट ने कहा कि मामले के सभी तथ्यों और प्रस्तुत साक्ष्यों की समीक्षा के बाद ही आगे की कार्रवाई पर निर्णय लिया जाएगा।
कानूनी और सामाजिक पहलू
यह मामला एक बार फिर मनोरंजन जगत और धार्मिक संवेदनशीलता के बीच संतुलन पर बहस छेड़ रहा है। सार्वजनिक मंचों पर कलाकारों की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और सामाजिक जिम्मेदारी को लेकर अक्सर चर्चा होती रही है।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि अदालत का अंतरिम आदेश यह सुनिश्चित करता है कि बिना पूरी जांच और सुनवाई के किसी भी व्यक्ति के खिलाफ जल्दबाजी में कठोर कदम न उठाया जाए। वहीं शिकायतकर्ताओं का कहना है कि धार्मिक आस्थाओं का सम्मान किया जाना चाहिए।
अगली सुनवाई पर टिकी निगाहें
अब इस मामले की अगली सुनवाई 2 मार्च को होगी। तब तक दोनों पक्ष अपने-अपने तर्क और दस्तावेज अदालत में पेश करेंगे। फिल्म इंडस्ट्री और रणवीर सिंह के प्रशंसकों की नजरें इस मामले पर टिकी हुई हैं।
फिलहाल अभिनेता या उनकी टीम की ओर से इस मुद्दे पर विस्तृत सार्वजनिक बयान सामने नहीं आया है। हालांकि अदालत से मिली अंतरिम राहत ने उन्हें अस्थायी तौर पर कानूनी संरक्षण प्रदान किया है।
यह देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले दिनों में अदालत इस मामले में क्या रुख अपनाती है और क्या यह विवाद आगे और गहराता है या कानूनी प्रक्रिया के तहत सुलझ जाता है।

