ढाका, बांग्लादेश: बांग्लादेश में हाल ही में बढ़ती हिंसा और अशांति के बीच मोहम्मद यूनूस की अगुवाई वाली अंतरिम सरकार ने अपना पहला सख्त बयान जारी किया है। सरकार ने कहा कि हिंसा, धमकी, आगजनी और संपत्ति के विनाश के सभी रूपों की कड़ी निंदा की जाती है और ऐसे कृत्यों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। नागरिकों से भीड़ हिंसा और नफरत के किसी भी रूप का विरोध करने का आग्रह किया गया है।
युनूस सरकार का पहला बयान
सरकार ने स्पष्ट किया कि देश के लोकतांत्रिक तंत्र को पटरी से उतारने वाले किसी भी प्रयास को कभी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। युनूस सरकार ने कहा, “हम हिंसा, धमकी, आगजनी और संपत्ति के विनाश के सभी कृत्यों की कड़ी और स्पष्ट रूप से निंदा करते हैं। यह हमारे देश के इतिहास का एक महत्वपूर्ण मोड़ है और इसे कुछ असामाजिक तत्वों के हाथों अराजकता में नहीं बदलने दिया जाएगा।”
सरकार ने शहीद शरीफ उस्मान हादी के बलिदान को याद करते हुए कहा कि उनके सपनों का सम्मान करने के लिए संयम, जिम्मेदारी और घृणा को नकारने की प्रतिबद्धता आवश्यक है।
पत्रकारों के प्रति समर्थन
युनूस सरकार ने मीडिया हाउसों के प्रति भी समर्थन जताया। उन्होंने कहा, “द डेली स्टार, प्रोथोम आलो और न्यू एज के पत्रकारों के साथ हम खड़े हैं। आपके द्वारा झेली गई आतंक और हिंसा के लिए हमें गहरा खेद है। पत्रकारों पर हमले सत्य पर हमला हैं और हम आपको पूर्ण न्याय का आश्वासन देते हैं।”
मयमनसिंह में हुई हिंसा की निंदा
सरकार ने मयमनसिंह में एक हिंदू व्यक्ति की पीट-पीटकर हत्या की भी कड़ी निंदा की और कहा कि नए बांग्लादेश में ऐसी हिंसा के लिए कोई जगह नहीं है। “इस जघन्य अपराध के दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।”
सरकार ने नागरिकों से आह्वान किया कि वे हिंसा, उकसावे और नफरत को नकारें और शहीद हादी को श्रद्धांजलि देने के लिए संयम और जिम्मेदारी दिखाएं।
चुनाव और स्थिरता
गुरुवार देर रात फेसबुक पोस्ट में संगठन ने कहा कि कुछ समूह विनाश और आगजनी के माध्यम से बांग्लादेश को कमजोर करना चाहते हैं। चुनावों के नजदीक आने के साथ अशांति फैलाने वालों का उद्देश्य स्पष्ट है: देश की स्वतंत्रता और संप्रभुता को कमजोर करना। सरकार ने सभी नागरिकों से सहयोग और हिंसा से दूर रहने की अपील की है, ताकि बांग्लादेश में स्थिरता बनी रहे।
निष्कर्ष
बांग्लादेश में हाल की हिंसा और तनाव के बीच युनूस सरकार का यह बयान एक सख्त चेतावनी और स्पष्ट संदेश है। सरकार ने देश की शांति और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को सुरक्षित रखने के लिए नागरिकों से संयम, जिम्मेदारी और घृणा को नकारने की अपील की है।

