22 Mar 2026, Sun

सीएम योगी की शायरी का अखिलेश यादव ने उसी अंदाज में दिया जवाब, लिखा- ‘हुक्मरान कोई नई बात बताओ’

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में कफ सिरप तस्करी मामले को लेकर सियासत तेज हो गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव इस मुद्दे पर आमने-सामने आ गए हैं। खास बात यह रही कि दोनों नेताओं ने एक-दूसरे पर आरोप लगाने के लिए शायरी का सहारा लिया, जिससे राजनीतिक बयानबाजी और भी तीखी हो गई।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शीतकालीन सत्र की शुरुआत से पहले मीडिया से बातचीत के दौरान कफ सिरप के अवैध कारोबार को लेकर समाजवादी पार्टी पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि अब तक इस मामले में जितने भी लोग पकड़े गए हैं, उनके तार समाजवादी पार्टी से जुड़े हुए पाए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जांच अभी जारी है और सच्चाई सामने आने दीजिए, “दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा।”

योगी आदित्यनाथ की शायरी से बढ़ा सियासी तापमान

योगी आदित्यनाथ ने अखिलेश यादव पर तंज कसते हुए शायरी पढ़ी—
यही कसूर मैं बार-बार करता रहा,
धूल चेहरे पर थी और आईना साफ करता रहा।

इस शायरी के जरिए उन्होंने संकेत दिया कि आरोप दूसरों पर लगाए जा रहे हैं, जबकि असली जिम्मेदारी कहीं और है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि समाजवादी पार्टी पहले से ही माफियाओं से जुड़ाव को लेकर कुख्यात रही है और इस मामले में भी उसकी संलिप्तता सामने आएगी।

अखिलेश यादव का पलटवार, शायरी में दिया जवाब

मुख्यमंत्री के आरोपों और शायरी के जवाब में सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर शायरी के जरिए पलटवार किया। उन्होंने लिखा—
जब खुद फंस जाओ तो दूसरे पर इल्जाम लगाओ,
ये खेल हुआ पुराना, हुक्मरान कोई नई बात बताओ।

अखिलेश यादव ने योगी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि जब सरकार खुद सवालों में घिर जाती है, तब विपक्ष पर आरोप मढ़ने की राजनीति शुरू हो जाती है।

कफ सिरप तस्करी मामले की जांच जारी

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में कोडीन युक्त कफ सिरप की तस्करी को लेकर हाल के दिनों में कई गिरफ्तारियां हुई हैं। इस मामले में कुछ आरोपियों की तस्वीरें अखिलेश यादव के साथ सामने आने के बाद विवाद और गहरा गया। इसी को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सपा पर सीधे तौर पर आरोप लगाए हैं।

मुख्यमंत्री ने बताया कि इस पूरे मामले की जांच के लिए राज्य स्तरीय विशेष जांच टीम (SIT) गठित की गई है, जिसमें उत्तर प्रदेश पुलिस और खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) के अधिकारी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि इस अवैध कारोबार से जुड़े पैसों की पूरी कड़ी खंगाली जा रही है और जिन-जिन लोगों तक पैसा पहुंचा है, उनके नाम जांच में सामने आएंगे।

सियासत में शायरी का तड़का

योगी आदित्यनाथ और अखिलेश यादव के बीच यह सियासी टकराव दिखाता है कि उत्तर प्रदेश की राजनीति में आरोप–प्रत्यारोप अब शायरी के मंच पर भी लड़े जा रहे हैं। आने वाले दिनों में जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी, यह मामला और भी सियासी रंग ले सकता है।

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