पुष्कर सिंह धामी: ‘सैनिक पुत्र’ बताते हुए शहीदों को दी श्रद्धांजलि, खटीमा में सैनिक सम्मान समारोह का आयोजन
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami ने खुद को “सैनिक पुत्र” बताते हुए देश के वीर शहीदों को नमन किया। उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर करने वाले सैनिकों का बलिदान हमेशा राष्ट्र के लिए प्रेरणा का स्रोत रहेगा।
यह अवसर उधम सिंह नगर जिले के खटीमा में आयोजित सैनिक सम्मान समारोह का था, जहां मुख्यमंत्री ने शिरकत कर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके परिजनों को सम्मानित किया। यह कार्यक्रम उनके पिता, सूबेदार स्वर्गीय शेर सिंह धामी की छठी पुण्यतिथि के मौके पर आयोजित किया गया था।
शहीदों के सम्मान में भावुक हुए सीएम धामी
समारोह के दौरान मुख्यमंत्री धामी भावुक नजर आए। उन्होंने कहा कि वह स्वयं एक सैनिक परिवार से आते हैं, इसलिए उन्हें सैनिकों और उनके परिवारों की समस्याओं और आवश्यकताओं की गहरी समझ है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सैनिकों और पूर्व सैनिकों के कल्याण के लिए लगातार काम कर रही है।
सीएम धामी ने मंच से कहा कि देश की रक्षा के लिए जान न्योछावर करने वाले सैनिकों का योगदान कभी भुलाया नहीं जा सकता। उनके बलिदान को हमेशा याद रखा जाएगा और आने वाली पीढ़ियों के लिए यह प्रेरणा का स्रोत रहेगा।
सीएसडी कैंटीन और सैनिक मिलन केंद्र का उद्घाटन
इस कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने सैनिकों के लिए कई महत्वपूर्ण सुविधाओं का भी उद्घाटन किया। उन्होंने सैनिक मिलन केंद्र और सीएसडी कैंटीन का लोकार्पण किया। खास बात यह रही कि उन्होंने खुद कैंटीन से खरीदारी कर इसकी शुरुआत की।
इस सुविधा से क्षेत्र के सैनिकों, पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों को बड़ी राहत मिलेगी। यह केंद्र उनके लिए जरूरी सामान और सुविधाओं को सुलभ बनाएगा, जिससे उन्हें दूर-दराज के स्थानों पर जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।
सैनिकों के कल्याण के लिए सरकार प्रतिबद्ध
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य सरकार सैनिकों के कल्याण के लिए कई योजनाएं चला रही है। सैनिकों के परिवारों की मदद करना और उनके जीवन स्तर को बेहतर बनाना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड वीरभूमि है और यहां के लोग हमेशा देश सेवा में आगे रहे हैं।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में सैनिक, पूर्व सैनिक और स्थानीय नागरिक मौजूद रहे। पूरे आयोजन ने एक भावनात्मक और गौरवपूर्ण माहौल बना दिया, जहां देशभक्ति की भावना साफ झलक रही थी।
सोशल मीडिया पर साझा किया संदेश
सीएम धामी ने इस अवसर पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर भी संदेश साझा किया। उन्होंने सीआरपीएफ के शौर्य दिवस पर जवानों को श्रद्धांजलि देते हुए लिखा कि 9 अप्रैल 1965 को कच्छ के रण में सीआरपीएफ के जवानों ने दुश्मनों को करारी शिकस्त देकर देश की सुरक्षा और सम्मान की रक्षा की थी।
उन्होंने आगे कहा कि अटूट साहस और संकल्प के बल पर हमारे वीर जवानों ने यह साबित कर दिया कि देशभक्ति और हिम्मत से बड़ी कोई ताकत नहीं होती। मुख्यमंत्री ने सभी से अपील की कि वे देश के अमर शहीदों को नमन करें और राष्ट्र की रक्षा के लिए सदैव समर्पित रहने का संकल्प लें।
निष्कर्ष
खटीमा में आयोजित यह कार्यक्रम न सिर्फ शहीदों के प्रति सम्मान का प्रतीक रहा, बल्कि यह भी दिखाता है कि सरकार सैनिकों और उनके परिवारों के कल्याण के लिए गंभीरता से काम कर रही है। Pushkar Singh Dhami का यह संदेश आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बना रहेगा और देशभक्ति की भावना को और मजबूत करेगा।

