राजेश खन्ना की ‘आराधना’: पहली फिल्म जिसने 100 दिन सिनेमाघरों में राज किया
बॉलीवुड में कई फिल्में आईं और गईं, लेकिन कुछ फिल्में ऐसी होती हैं जो अपने समय से परे दर्शकों के दिलों में जगह बना लेती हैं। आदित्य धर के निर्देशन में बनी हालिया सुपरहिट फिल्म धुरंधर ने पिछले 2 महीनों से ज्यादा बॉक्स ऑफिस पर कब्जा जमाया और 1300 करोड़ से अधिक का कलेक्शन किया। लेकिन क्या आप जानते हैं कि हिंदी सिनेमा की पहली फिल्म कौन सी थी, जो 100 दिनों से ज्यादा समय तक सिनेमाघरों में चलती रही और हर शो हाउसफुल रहा?
वो फिल्म थी ‘आराधना’, जो 1969 में रिलीज़ हुई। इस फिल्म ने केवल राजेश खन्ना और शर्मिला टैगोर को सुपरस्टार बनाया, बल्कि हिंदी सिनेमा में दर्शकों के बीच फिल्म का चलन 100 दिनों से अधिक टिकाने वाली पहली फिल्म बनकर इतिहास रच दिया।
राजेश खन्ना और शर्मिला टैगोर की आइकॉनिक जोड़ी
‘आराधना’ में राजेश खन्ना और शर्मिला टैगोर की ऑन-स्क्रीन केमिस्ट्री दर्शकों को खूब पसंद आई। फिल्म रिलीज होते ही सिनेमाघरों के बाहर लंबी-लंबी लाइनों में दर्शक खड़े नजर आए। 100 दिनों तक फिल्म हाउसफुल चलती रही और टिकटें खरीदने के लिए दर्शकों को लंबा इंतजार करना पड़ा।
फिल्म की कहानी रोमांटिक ड्रामा थी, जिसमें वंदना (शर्मिला टैगोर) के प्यार, बलिदान और मातृत्व का खूबसूरत चित्रण किया गया। वंदना का पति अरुण (राजेश खन्ना) एयरफोर्स में पायलट था, लेकिन शादी के कुछ ही समय बाद उसकी मौत हो जाती है। वंदना प्रेग्नेंट हो जाती हैं, लेकिन समाज के डर से अपने बच्चे की देखभाल अलग तरीके से करती हैं। इस भावनात्मक कहानी ने दर्शकों के दिलों में गहरी छाप छोड़ी।
फिल्म का विदेशी प्रभाव
‘आराधना’ साल 1946 में बनी हॉलीवुड फिल्म To Each His Own पर आधारित थी। राजेश खन्ना और शर्मिला टैगोर के अभिनय और फिल्म की कहानी ने भारतीय दर्शकों के बीच इसे विशेष स्थान दिलाया। फिल्म के गाने, डायलॉग और भावनात्मक परिदृश्य आज भी याद किए जाते हैं।
अवॉर्ड और पहचान
फिल्म ने केवल व्यावसायिक सफलता ही नहीं पाई, बल्कि राजेश खन्ना और शर्मिला टैगोर को फिल्मफेयर अवॉर्ड सहित कई पुरस्कार भी मिले। राजेश खन्ना को हिंदी सिनेमा का पहला सुपरस्टार बनाने में इस फिल्म का योगदान सबसे अहम माना जाता है।
आज भी बनाती है इतिहास
आज धुरंधर जैसी फिल्में बॉक्स ऑफिस पर राज कर रही हैं, लेकिन ‘आराधना’ ने जो रिकॉर्ड बनाया वह इतिहास में अमर है। यह साबित करता है कि सही कहानी, उत्कृष्ट अभिनय और दर्शकों से जुड़ाव हमेशा यादगार बन जाता है।

