23 Mar 2026, Mon

सरकार ने मनरेगा पर बुलडोजर चला दिया…’, सोनिया गांधी ने जारी किया वीडियो संदेश, जानें क्या बोलीं

नई दिल्ली: संसद के शीतकालीन सत्र में केंद्र की एनडीए सरकार ने मनरेगा कानून की जगह ‘वीबी-जी राम जी’ बिल पास कर दिया है। इस बिल के पास होने के बाद कांग्रेस संसदीय दल की चेयरपर्सन सोनिया गांधी ने एक वीडियो संदेश जारी किया। इस संदेश में उन्होंने 20 साल पहले पास हुए मनरेगा कानून को क्रांतिकारी कदम बताया और सरकार पर ग्रामीण बेरोजगारों और गरीबों के हितों को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया।

🔹 20 साल पहले मनरेगा कानून

सोनिया गांधी ने अपने वीडियो संदेश में कहा, “मुझे आज भी याद है, 20 साल पहले डॉ. मनमोहन सिंह जी प्रधानमंत्री थे, तब संसद में मनरेगा कानून सर्वसम्मति से पास किया गया था। यह एक ऐसा क्रांतिकारी कदम था, जिससे करोड़ों ग्रामीण परिवारों को रोजगार मिला। खासकर वंचित, गरीब और अतिगरीब लोगों के लिए यह रोज़ी-रोटी का जरिया बना। मनरेगा ने ग्राम पंचायतों को सशक्त किया और महात्मा गांधी के ग्राम स्वराज के सपनों की दिशा में ठोस कदम बढ़ाया।”

उन्होंने कहा कि मनरेगा कानून ने लोगों को अपने गांव में ही रोजगार का अधिकार दिया और पलायन को रोका। यह गरीब ग्रामीणों के जीवन में स्थिरता लाने वाला एक महत्वपूर्ण कानून था।

🔹 वीबी-जी राम जी बिल पर निशाना

सोनिया गांधी ने वीडियो में कहा कि हाल ही में पास किया गया वीबी-जी राम जी बिल मनरेगा के मूल स्वरूप को कमजोर करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस बिल के तहत अब यह तय होगा कि किसको, कितना, कहां और किस तरह रोजगार मिलेगा, और यह सब जमीनी हकीकत से दूर दिल्ली में बैठे अधिकारियों द्वारा निर्धारित किया जाएगा

सोनिया गांधी ने कहा, “पिछले 11 साल में मोदी सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों के बेरोजगार, गरीब और वंचित वर्गों के हितों को नजरअंदाज किया। कोविड के दौरान मनरेगा ने गरीबों के लिए संजीवनी का काम किया। लेकिन अब सरकार ने मनरेगा पर बुलडोजर चला दिया और महात्मा गांधी का नाम हटाकर कानून का स्वरूप बदल दिया।”

🔹 गरीबों और किसानों के हितों पर हमला

सोनिया गांधी ने आगे कहा कि कांग्रेस का योगदान मनरेगा कानून को लाने और लागू करने में अहम रहा, लेकिन यह पार्टी का मामला कभी नहीं था। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने इस बिल के माध्यम से किसानों, श्रमिकों और भूमिहीन ग्रामीणों के हितों पर हमला किया है।

उन्होंने वीडियो संदेश में यह भी स्पष्ट किया कि कांग्रेस और उसके कार्यकर्ता इस नए कानून के खिलाफ लड़ने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। सोनिया गांधी ने कहा, “20 साल पहले मैंने अपने गरीब भाई-बहनों के लिए रोजगार का अधिकार दिलवाने के लिए संघर्ष किया था। आज भी इस काले कानून के खिलाफ लड़ने के लिए मैं और कांग्रेस के सभी नेता आपके साथ खड़े हैं।”

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