24 Mar 2026, Tue

लोकसभा में अब 543 की जगह 816 सीटें, 33% होंगी महिलाओं के लिए आरक्षित; मोदी सरकार लाने जा रही बिल

Lok Sabha Seats Increase: लोकसभा सीटें 543 से बढ़ाकर 816 करने की तैयारी, महिलाओं को मिलेगा बड़ा प्रतिनिधित्व

केंद्र सरकार देश की संसदीय व्यवस्था में बड़ा बदलाव करने की तैयारी में है। सूत्रों के मुताबिक, सरकार भारत सरकार जल्द ही लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ाने और महिला आरक्षण को लागू करने के लिए एक अहम संशोधन विधेयक ला सकती है।

543 से बढ़कर 816 हो सकती हैं सीटें

फिलहाल लोकसभा में कुल 543 सीटें हैं, लेकिन प्रस्तावित योजना के तहत इन्हें बढ़ाकर 816 करने पर विचार किया जा रहा है। यह बदलाव देश की बढ़ती जनसंख्या और प्रतिनिधित्व को संतुलित करने के उद्देश्य से किया जा रहा है।

सूत्रों के अनुसार, सीटों का यह पुनर्गठन 2011 की जनगणना के आंकड़ों के आधार पर किया जाएगा, जिसके तहत परिसीमन (Delimitation) की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।

महिलाओं को 33% आरक्षण

इस प्रस्ताव का सबसे अहम पहलू महिलाओं को दिया जाने वाला आरक्षण है। नई योजना के तहत कुल सीटों का 33% यानी लगभग 273 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित की जा सकती हैं।

यह कदम देश की राजनीति में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है।

संसद सत्र में आ सकता है बिल

सरकार इस प्रस्ताव को कानूनी रूप देने के लिए मौजूदा संसद सत्र में संशोधन विधेयक पेश कर सकती है। इसको लेकर राजनीतिक हलचल भी तेज हो गई है।

मल्लिकार्जुन खरगे ने विपक्षी नेताओं के साथ बैठक कर इस मुद्दे पर चर्चा की है, जबकि सत्तारूढ़ गठबंधन एनडीए भी इस पर रणनीति बनाने में जुटा हुआ है।

क्या है परिसीमन का महत्व?

परिसीमन एक ऐसी प्रक्रिया है जिसके तहत जनसंख्या के आधार पर संसदीय क्षेत्रों की सीमाएं तय की जाती हैं। यदि सीटों की संख्या बढ़ती है, तो नए निर्वाचन क्षेत्र बनाए जाएंगे और पुराने क्षेत्रों का पुनर्गठन होगा।

इससे देश के विभिन्न हिस्सों को बेहतर प्रतिनिधित्व मिलने की उम्मीद है।

राजनीतिक असर क्या होगा?

विशेषज्ञों का मानना है कि सीटों की संख्या बढ़ने से न केवल संसद में प्रतिनिधित्व बढ़ेगा, बल्कि क्षेत्रीय और राष्ट्रीय दलों की रणनीति भी बदल सकती है।

महिला आरक्षण लागू होने से राजनीति में महिलाओं की भागीदारी में ऐतिहासिक बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे नीति-निर्माण में विविधता आएगी।

निष्कर्ष

लोकसभा सीटों को 543 से बढ़ाकर 816 करने और महिलाओं के लिए 33% आरक्षण लागू करने का प्रस्ताव भारतीय लोकतंत्र के लिए बड़ा बदलाव साबित हो सकता है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि सरकार कब और कैसे इस विधेयक को संसद में पेश करती है और इसे राजनीतिक समर्थन कितना मिलता है।

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