उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने कहा है कि राज्य सरकार का प्रयास है कि किसी भी आपदा की स्थिति में 24 घंटे के भीतर पीड़ितों के बैंक खाते में सहायता राशि पहुंचा दी जाए। लखनऊ में शनिवार को आयोजित एक कार्यक्रम में उन्होंने किसानों और आपदा प्रभावित परिवारों को विभिन्न योजनाओं के तहत सहायता राशि वितरित की।
2.51 लाख किसानों को 285 करोड़ की क्षतिपूर्ति
राज्य सरकार ने 21 फरवरी 2026 को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (खरीफ-2025) के तहत 2.51 लाख किसानों को ₹285 करोड़ की क्षतिपूर्ति राशि प्रदान की। इसके अलावा मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के अंतर्गत 3,500 परिवारों को ₹175 करोड़ की सहायता दी गई। कार्यक्रम में ‘आपदा मित्रों’ को जीवन बीमा का लाभ भी वितरित किया गया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विभिन्न जनपदों में कृषि भवनों और मृदा परीक्षण प्रयोगशालाओं का शिलान्यास भी किया। उन्होंने सभी लाभार्थियों को बधाई देते हुए होली की शुभकामनाएं भी दीं।
राज्य आपदा मोचक निधि में 876 करोड़ का प्रावधान
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि वर्ष 2025-26 के लिए राज्य आपदा मोचक निधि में ₹876 करोड़ का आवंटन किया गया है। अब तक फसल क्षति से प्रभावित 5,14,322 किसानों को ₹260 करोड़ की कृषि निवेश अनुदान राशि वितरित की जा चुकी है।
इसके अतिरिक्त:
जनहानि के 5,398 पीड़ितों को ₹216 करोड़
मकान क्षति से प्रभावित 27,448 परिवारों को ₹24 करोड़
की सहायता राशि प्रदान की गई है।
“पहले पीड़ितों की सुध नहीं ली जाती थी”
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पहले आपदा आने के बाद वर्षों तक पीड़ितों को मुआवजा नहीं मिल पाता था। उन्होंने 2015-16 का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय कुछ किसानों के खातों में मात्र 2 या 4 रुपये तक भेजे गए थे। उन्होंने दावा किया कि सरकार बदलने के बाद पारदर्शिता और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की गई है।
उन्होंने कहा, “अब हमारी कोशिश रहती है कि आपदा की सूचना मिलते ही 24 घंटे के भीतर राहत राशि सीधे लाभार्थी के खाते में पहुंचाई जाए।”
दुर्घटना बीमा योजना का दायरा बढ़ाया
मुख्यमंत्री ने बताया कि पहले मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना बीमा योजना के तहत केवल किसान को ही कवर किया जाता था। परिवार के सदस्य, बटाईदार और सह-किसान इस योजना से बाहर थे। वर्तमान सरकार ने योजना का दायरा बढ़ाकर इन सभी को शामिल किया है।
उन्होंने कहा कि अब दुर्घटना या अकाल मृत्यु की स्थिति में किसान परिवार के पात्र सदस्य को ₹5 लाख तक की सहायता दी जाती है। सरकार अब तक इस मद में ₹1000 करोड़ से अधिक की राशि वितरित कर चुकी है।
किसानों को सशक्त बनाने पर जोर
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए प्रतिबद्ध है। कृषि अवसंरचना को मजबूत करने के लिए नए कृषि भवन और मृदा परीक्षण प्रयोगशालाएं स्थापित की जा रही हैं, जिससे किसानों को वैज्ञानिक खेती और बेहतर उत्पादन में मदद मिलेगी।
सरकार का दावा है कि पारदर्शी और समयबद्ध सहायता वितरण से किसानों में भरोसा बढ़ा है और आपदा प्रबंधन तंत्र अधिक प्रभावी हुआ है।

