कांग्रेस अध्यक्ष Mallikarjun Kharge ने बुधवार को अपने हालिया बयान को लेकर माफी मांग ली है, जिसमें उन्होंने गुजरात के लोगों पर टिप्पणी की थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी बातों का गलत अर्थ निकाला गया और उनका उद्देश्य किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं था।
खरगे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर पोस्ट करते हुए कहा कि वह गुजरात के लोगों का गहरा सम्मान करते हैं और आगे भी करते रहेंगे। उन्होंने लिखा कि हाल ही में केरल में दिए गए उनके भाषण की कुछ बातों को जानबूझकर तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया है। उन्होंने अपने बयान पर खेद व्यक्त करते हुए कहा कि उनका मकसद कभी भी किसी समुदाय या राज्य को आहत करना नहीं था।
यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब केरल के इडुक्की में एक चुनावी रैली के दौरान खरगे ने कहा था कि केरल के लोग शिक्षित और समझदार हैं और उन्हें गुमराह नहीं किया जा सकता, जैसा कि गुजरात या कुछ अन्य क्षेत्रों के लोगों के साथ किया जा सकता है। इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली और मामला तूल पकड़ गया।
भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने इस टिप्पणी की कड़ी आलोचना की और इसे गुजरात के लोगों का अपमान बताया। गुजरात के उपमुख्यमंत्री Harsh Sanghavi ने कहा कि इस तरह की टिप्पणियां न केवल गुजरात के लोगों का अपमान हैं, बल्कि राज्य के योगदान की भी अनदेखी करती हैं। उन्होंने कहा कि गुजरात ने देश को महात्मा गांधी और सरदार वल्लभभाई पटेल जैसे महान नेता दिए हैं, और ऐसी बयानबाजी राजनीतिक हताशा को दर्शाती है।
बीजेपी नेताओं ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वह बार-बार गुजरात को निशाना बनाती है और इस तरह की टिप्पणियां मतदाताओं को प्रभावित नहीं कर पाएंगी। वहीं, कांग्रेस की ओर से यह स्पष्ट किया गया है कि पार्टी का मकसद किसी भी राज्य या समुदाय का अपमान करना नहीं है और यह बयान पूरी तरह से गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया है।
यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब केरल में चुनावी माहौल गर्म है और राजनीतिक दल मतदाताओं को लुभाने में जुटे हुए हैं। ऐसे में इस तरह के बयानों ने राजनीतिक बहस को और तेज कर दिया है।
कुल मिलाकर, खरगे के बयान और बाद में उनकी माफी ने एक बार फिर राजनीतिक बयानबाजी और उसके प्रभाव को चर्चा के केंद्र में ला दिया है। अब देखना होगा कि यह विवाद आने वाले चुनावी माहौल को किस तरह प्रभावित करता है और राजनीतिक दल इस पर आगे क्या रुख अपनाते हैं।

