नई दिल्ली/लाहौर: भारत-पाकिस्तान क्रिकेट मुकाबले को लेकर सस्पेंस अब नए मोड़ पर पहुंच गया है। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने भारत के खिलाफ मैच खेलने के लिए ICC के सामने तीन अहम शर्तें रखीं हैं। इसके साथ ही PCB ने T20 वर्ल्ड कप से बाहर रहने वाले बांग्लादेश को मुआवजा देने की मांग भी की है।
चार घंटे चली मीटिंग, कोई अंतिम फैसला नहीं
8 फरवरी को लाहौर के गद्दाफी स्टेडियम में पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड, ICC और बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) के अधिकारियों के बीच चार घंटे लंबी मीटिंग हुई। मीटिंग में PCB ने अपनी शर्तों और मांगों का खुलासा किया। सूत्रों के मुताबिक, PCB ने कहा कि बांग्लादेश को ICC से अधिकतम मुआवजा मिले, चाहे वे टूर्नामेंट में हिस्सा न लें। इसके अलावा, PCB ने यह भी कहा कि भविष्य में बांग्लादेश को ICC टूर्नामेंट की मेजबानी मिले।
हालांकि, इस बैठक का कोई आधिकारिक नतीजा सामने नहीं आया। किसी भी बोर्ड की ओर से संयुक्त बयान जारी नहीं किया गया। ICC ने साफ कर दिया कि वे बांग्लादेश को अतिरिक्त मुआवजा नहीं दे सकते। बांग्लादेश को केवल ICC की कमाई का हिस्सा ही मिल सकता है।
ICC का रुख और डिप्टी चेयरपर्सन की सलाह
ICC के डिप्टी चेयरपर्सन इमरान ख्वाजा ने PCB को सलाह दी कि वह भारत बनाम पाकिस्तान मैच का बहिष्कार तुरंत खत्म करे, क्योंकि यह क्रिकेट के हित में नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर PCB को कोई समस्या है, तो वे इसे ICC आर्बिट्रेशन कमेटी या ICC बोर्ड मीटिंग में उठा सकते हैं। उनका कहना था कि मैच को बहिष्कार करना पूरी तरह गलत कदम है।
PCB की शर्तें
सूत्रों के अनुसार, PCB की तीन प्रमुख शर्तें इस प्रकार हैं:
बांग्लादेश को T20 वर्ल्ड कप से बाहर होने के बावजूद मुआवजा मिले।
भविष्य में बांग्लादेश को ICC टूर्नामेंट की मेजबानी का अवसर मिले।
भारत के खिलाफ मैच को खेलने से पहले पाकिस्तान सरकार से मंजूरी ली जाए।
बांग्लादेश की स्थिति
PCB ने बांग्लादेश को ढाल बनाकर ICC से ये मांग रखी है। हालांकि ICC ने स्पष्ट कर दिया कि बांग्लादेश को अतिरिक्त मुआवजा नहीं मिलेगा। PCB और BCB अब पाकिस्तान सरकार की मंजूरी का इंतजार कर रहे हैं, उसके बाद ही कोई अंतिम फैसला सामने आएगा।
भविष्य की रणनीति
इस सस्पेंस के बीच, क्रिकेट फैंस को इंतजार है कि भारत-पाकिस्तान मुकाबला आखिरकार कब तय होता है। PCB और ICC के बीच बातचीत जारी है, लेकिन फिलहाल कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। इस मामले से T20 वर्ल्ड कप की योजना और टूर्नामेंट की डाइनामिक्स भी प्रभावित हो सकती है।
यह स्थिति दर्शाती है कि क्रिकेट की दुनिया में राजनीतिक और प्रशासनिक दबाव मुकाबलों को प्रभावित कर सकते हैं।

