बिहार से दिल्ली पहुंचे CM नीतीश कुमार, राज्यसभा की तैयारी; बोले– “अब यहां भी काम करेंगे”
बिहार की राजनीति में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। राज्य के मुख्यमंत्री Nitish Kumar अब दिल्ली पहुंच चुके हैं और जल्द ही राज्यसभा सांसद के तौर पर शपथ लेने वाले हैं। लंबे समय तक बिहार की सत्ता संभालने के बाद अब उनका रुख केंद्र की राजनीति की ओर बढ़ता दिख रहा है।
सूत्रों के अनुसार, नीतीश कुमार शुक्रवार, 10 अप्रैल को राज्यसभा सांसद के रूप में शपथ ले सकते हैं। इससे पहले उन्होंने बिहार विधान परिषद (MLC) से इस्तीफा दे दिया था, जिसके बाद यह संकेत मिलने लगे थे कि राज्य की राजनीति में बड़ा बदलाव होने वाला है। नीतीश कुमार 2005 से लगातार (कुछ महीनों के अंतराल को छोड़कर) बिहार के मुख्यमंत्री पद पर बने रहे हैं और अब वह एक बार फिर राष्ट्रीय राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाने जा रहे हैं।
गुरुवार को दिल्ली पहुंचने के बाद नीतीश कुमार का पहला बयान भी सामने आया, जिसमें उन्होंने कहा, “20 साल तक वहां (बिहार) में रहे हैं, अब यहां (दिल्ली) में भी काम करेंगे, इसलिए वापस आ गए हैं।” उनके इस बयान से साफ संकेत मिलता है कि वह अब केंद्र की राजनीति में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने के लिए तैयार हैं।
दिल्ली स्थित आवास पर पहुंचने के दौरान उनके साथ जदयू नेता संजय झा और केंद्रीय मंत्री ललन सिंह भी मौजूद थे। नीतीश कुमार के इस कदम को राजनीतिक रूप से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि यह उनकी लंबी राजनीतिक यात्रा में एक नया अध्याय जोड़ता है।
वहीं, बिहार की राजनीति में उनकी विरासत को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं। बिहार सरकार के मंत्री विजय चौधरी ने बयान दिया कि राज्य में सरकार एनडीए के नेतृत्व में ही चलेगी और नीतीश कुमार के “मॉडल” को आगे बढ़ाया जाएगा। उन्होंने कहा कि पिछले 20 सालों में बिहार ने नीतीश मॉडल के तहत कई क्षेत्रों में प्रगति की है और भविष्य में भी उसी दिशा में काम जारी रहेगा।
इसके अलावा, राजनीतिक गलियारों में यह भी चर्चा है कि नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार की भी राजनीति में एंट्री हो चुकी है, जिससे आने वाले समय में बिहार की राजनीति में नए समीकरण देखने को मिल सकते हैं।
नीतीश कुमार का यह कदम न केवल बिहार बल्कि पूरे देश की राजनीति पर असर डाल सकता है। लंबे समय तक राज्य की राजनीति में सक्रिय रहने के बाद अब उनका केंद्र में जाना एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि राज्यसभा में उनकी भूमिका क्या रहती है और वह राष्ट्रीय राजनीति में किस तरह अपना प्रभाव छोड़ते हैं।
कुल मिलाकर, नीतीश कुमार का दिल्ली पहुंचना और राज्यसभा में जाने की तैयारी भारतीय राजनीति में एक अहम घटनाक्रम है, जो आने वाले समय में कई नए राजनीतिक समीकरणों को जन्म दे सकता है।

