29 Mar 2026, Sun

पेरिस में G7 समिट के दौरान फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों से मिले जयशंकर, वैश्विक ऊर्जा और खाद्य सुरक्षा संकट का उठाया मुद्दा

Jaishankar at G7 Paris: मैक्रों, रूबियो समेत कई वैश्विक नेताओं से मुलाकात, ग्लोबल साउथ के मुद्दों पर जोर

पेरिस में आयोजित G7 Summit के दौरान भारत के विदेश मंत्री S. Jaishankar ने कई वैश्विक नेताओं से अहम मुलाकातें कीं। इस दौरान उन्होंने फ्रांस के राष्ट्रपति Emmanuel Macron, अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio समेत कई देशों के प्रतिनिधियों के साथ द्विपक्षीय वार्ता की।

विदेश मंत्री जयशंकर इन दिनों फ्रांस के आधिकारिक दौरे पर हैं, जहां वे G7 विदेश मंत्रियों की बैठक में भाग लेने के लिए पहुंचे हैं। हालांकि भारत G7 का सदस्य नहीं है, लेकिन फ्रांस की अध्यक्षता में उसे एक भागीदार देश के रूप में आमंत्रित किया गया है।

शनिवार को सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक संदेश में जयशंकर ने बताया कि उन्होंने राष्ट्रपति मैक्रों से मुलाकात कर प्रधानमंत्री Narendra Modi की ओर से शुभकामनाएं भी दीं। दोनों नेताओं के बीच वैश्विक ऊर्जा और खाद्य सुरक्षा संकट सहित कई महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई। जयशंकर ने इस बातचीत को बेहद उपयोगी बताया और मैक्रों के विचारों को महत्वपूर्ण बताया।

G7 बैठक के दौरान विदेश मंत्री ने विशेष रूप से ग्लोबल साउथ के देशों की चिंताओं को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि ऊर्जा, खाद्य और ईंधन सुरक्षा आज विकासशील देशों के लिए सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक है। साथ ही उन्होंने वैश्विक शासन व्यवस्था में सुधार की आवश्यकता पर जोर दिया, ताकि विकासशील देशों की आवाज को बेहतर तरीके से सुना जा सके।

इस सम्मेलन में पश्चिम एशिया में जारी तनाव और Iran-Israel Conflict के कारण पैदा हुई अनिश्चितताओं पर भी चर्चा हुई। जयशंकर ने इस दौरान मजबूत सप्लाई चेन और लचीले व्यापार गलियारों की आवश्यकता पर बल दिया, ताकि वैश्विक स्तर पर आपूर्ति व्यवस्था बाधित न हो।

G7 बैठक के इतर जयशंकर ने कई अन्य देशों के विदेश मंत्रियों से भी अलग-अलग मुलाकातें कीं। इनमें सऊदी अरब के विदेश मंत्री फैसल बिन फरहान, जर्मनी के विदेश मंत्री, यूक्रेन के विदेश मंत्री, कनाडा, दक्षिण कोरिया, इटली, जापान और ब्राजील के प्रतिनिधि शामिल रहे। इन वार्ताओं में ऊर्जा संकट, वैश्विक सुरक्षा और आर्थिक सहयोग जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई।

जयशंकर और सऊदी अरब के विदेश मंत्री के बीच हुई बातचीत में ऊर्जा आपूर्ति और तेल बाजार की स्थिरता पर विशेष ध्यान दिया गया, जबकि यूक्रेन के विदेश मंत्री के साथ बैठक में चल रहे युद्ध और क्षेत्रीय स्थिरता पर चर्चा हुई। यह मुलाकातें भारत की संतुलित और बहुपक्षीय विदेश नीति को दर्शाती हैं।

G7 समूह दुनिया की प्रमुख विकसित अर्थव्यवस्थाओं का मंच है, जिसमें Group of Seven के सदस्य देश शामिल हैं—कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान, यूनाइटेड किंगडम और अमेरिका। यह मंच वैश्विक आर्थिक, वित्तीय और भू-राजनीतिक मुद्दों पर सहयोग और समन्वय के लिए जाना जाता है।

भारत का इस मंच में भाग लेना यह दिखाता है कि देश वैश्विक स्तर पर अपनी भूमिका को लगातार मजबूत कर रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी बैठकों से भारत को न केवल अपने हितों को आगे बढ़ाने का मौका मिलता है, बल्कि वैश्विक चुनौतियों पर भी प्रभावी तरीके से अपनी बात रखने का अवसर मिलता है।

कुल मिलाकर, पेरिस में आयोजित G7 बैठक के दौरान विदेश मंत्री जयशंकर की ये कूटनीतिक मुलाकातें भारत की अंतरराष्ट्रीय छवि और रणनीतिक साझेदारियों को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हैं।

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