सनराइजर्स लीड्स ने अबरार अहमद को खरीदा, सोशल मीडिया पर मचा विवाद
द हंड्रेड 2026 के ऑक्शन में सनराइजर्स लीड्स फ्रेंचाइजी ने पाकिस्तानी स्पिनर अबरार अहमद को खरीदकर क्रिकेट फैंस के बीच तहलका मचा दिया है। ऑक्शन 12 मार्च को आयोजित किया गया था, जिसमें SRH फ्रेंचाइजी की मालकिन काव्या मारन खुद मौजूद थीं और उन्होंने अबरार अहमद के लिए 2.3 करोड़ रुपये (लगभग 2,55,000 अमेरिकी डॉलर) की बोली लगाई।
सोशल मीडिया पर भारी आलोचना
अबरार अहमद को खरीदने के तुरंत बाद सोशल मीडिया पर विवाद खड़ा हो गया। भारतीय क्रिकेट फैंस ने इस फैसले की आलोचना की और SRH फ्रेंचाइजी को ट्रोल करना शुरू कर दिया। आलोचकों का कहना है कि भारतीय स्वामित्व वाली टीम द्वारा पाकिस्तानी खिलाड़ी को खरीदना देश की भावनाओं के खिलाफ है।
ऑक्शन के बाद सनराइजर्स लीड्स का X (पूर्व ट्विटर) अकाउंट सस्पेंड कर दिया गया। हालांकि, टीम ने सस्पेंड होने का कारण स्पष्ट नहीं किया। आमतौर पर एक्स ऐसे अकाउंट्स को सस्पेंड करता है जो प्लेटफॉर्म के नियमों का उल्लंघन करते हैं। ऑक्शन के बाद रात के 2 बजे अकाउंट सस्पेंड किया गया, जिससे फैंस और भी ज्यादा परेशान हो गए।
अबरार अहमद का महत्व
अबरार अहमद अबरार ‘द हंड्रेड’ में भारतीय स्वामित्व वाली किसी भी टीम द्वारा खरीदे गए पहले पाकिस्तानी खिलाड़ी हैं। उनकी टीम में शामिल होने की खबर ने क्रिकेट प्रेमियों के बीच बहस को जन्म दिया। कई फैंस पूछ रहे हैं कि क्या फ्रेंचाइजी अबरार अहमद को रिलीज़ करेगी या नहीं।
डेनियल विटोरी ने किया खुलासा
सनराइजर्स लीड्स के कोच डेनियल विटोरी ने ऑक्शन के बाद कहा कि अबरार अहमद को टीम में शामिल करने का निर्णय पूरी तरह से क्रिकेट आधार पर लिया गया। उन्होंने बताया कि साल की शुरुआत में ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों से अबरार के प्रदर्शन के बारे में राय ली गई और उसी आधार पर उन्हें टीम में शामिल किया गया। डेनियल ने यह भी स्पष्ट किया कि फ्रेंचाइजी के भीतर पाकिस्तानी खिलाड़ियों को लेने या न लेने के लिए कोई विशेष मीटिंग नहीं हुई।
पहले की रिपोर्ट और शैडो बैन
ऑक्शन से पहले यह रिपोर्ट सामने आई थी कि भारतीय स्वामित्व वाली फ्रेंचाइजी पाकिस्तानी खिलाड़ियों को खरीदने से बच सकती हैं। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में ‘शैडो बैन’ की संभावना भी बताई गई थी। लेकिन अबरार अहमद को खरीदने के बाद यह स्पष्ट हो गया कि टीम ने केवल क्रिकेटिंग प्रदर्शन और रणनीतिक जरूरतों के आधार पर निर्णय लिया।
विवाद और प्रतिक्रिया
क्रिकेट फैंस की प्रतिक्रिया सोशल मीडिया पर तेज़ रही। कई लोगों ने फ्रेंचाइजी की मालकिन काव्या मारन के फैसले को आलोचना का विषय बनाया। कुछ फैंस ने कहा कि इस निर्णय से टीम को घरेलू समर्थन पर असर पड़ सकता है। वहीं, कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि खेल में खिलाड़ियों का चयन केवल प्रदर्शन और रणनीति पर होना चाहिए, न कि राष्ट्रीयता पर।
निष्कर्ष
सनराइजर्स लीड्स का यह निर्णय क्रिकेट जगत में चर्चा का केंद्र बन गया है। अब यह देखना होगा कि टीम अबरार अहमद के साथ अपनी रणनीति कैसे आगे बढ़ाती है और सोशल मीडिया विवाद का क्या असर टीम के ब्रांड इमेज पर पड़ता है।

