28 Mar 2026, Sat

नेपाल के सबसे युवा प्रधानमंत्री बने बालेन शाह, पद और गोपनीयता की ली शपथ

नेपाल को मिला नया प्रधानमंत्री: बालेन शाह बने सबसे युवा नेता, राजनीति में नई शुरुआत का संकेत

काठमांडू: नेपाल की राजनीति में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है। Balen Shah ने देश के नए प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ले ली है। 35 वर्षीय बालेन शाह अब नेपाल के इतिहास में सबसे कम उम्र के निर्वाचित प्रधानमंत्री बन गए हैं। उनके नेतृत्व को देश में नई पीढ़ी की राजनीति और बदलाव की उम्मीद के तौर पर देखा जा रहा है।

नेपाल के राष्ट्रपति Ram Chandra Poudel ने संविधान के अनुच्छेद 76(1) के तहत बालेन शाह को प्रधानमंत्री नियुक्त किया। वह राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (RSP) के संसदीय दल के नेता हैं और उनकी पार्टी को हाल ही में हुए आम चुनावों में ऐतिहासिक जीत मिली है।

पिछले साल देश में हुए व्यापक जन-आंदोलनों और युवा विरोध प्रदर्शनों के बाद नेपाल में आम चुनाव कराए गए थे। इन चुनावों में बालेन शाह की पार्टी RSP ने जबरदस्त प्रदर्शन करते हुए प्रतिनिधि सभा की 275 में से 182 सीटें जीत लीं। यह जीत न केवल उनकी लोकप्रियता को दर्शाती है, बल्कि यह भी दिखाती है कि नेपाल की जनता अब पारंपरिक राजनीति से हटकर नए नेतृत्व की ओर बढ़ रही है।

बालेन शाह ने झापा-5 निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ते हुए पूर्व प्रधानमंत्री K. P. Sharma Oli को बड़े अंतर से हराया। इस जीत ने उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर एक मजबूत और प्रभावशाली नेता के रूप में स्थापित कर दिया है।

प्रधानमंत्री बनने के बाद बालेन शाह एक छोटा और प्रभावी मंत्रिमंडल बनाने की योजना पर काम कर रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, उनके कैबिनेट में 15 से 18 मंत्री शामिल हो सकते हैं, जिससे प्रशासन को अधिक चुस्त और जवाबदेह बनाया जा सके।

बालेन शाह की कहानी भी काफी दिलचस्प रही है। उनका जन्म 27 अप्रैल 1990 को काठमांडू में हुआ था। उन्होंने सिविल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की, लेकिन उनकी पहचान एक रैपर के रूप में भी रही है। अपने गीतों के माध्यम से उन्होंने सामाजिक मुद्दों को उठाया और युवाओं के बीच खासा प्रभाव बनाया।

राजनीति में उनकी एंट्री भी पारंपरिक नहीं रही। उन्होंने साल 2022 में काठमांडू के मेयर पद के लिए चुनाव लड़ा था, वह भी एक निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में। उस चुनाव में उनकी शानदार जीत ने उन्हें देशभर में लोकप्रिय बना दिया और यहीं से उनके राजनीतिक करियर की शुरुआत हुई।

विशेषज्ञों का मानना है कि बालेन शाह का प्रधानमंत्री बनना नेपाल की राजनीति में एक नए युग की शुरुआत हो सकता है। उनकी युवा सोच, गैर-पारंपरिक पृष्ठभूमि और जनता से जुड़ाव उन्हें अन्य नेताओं से अलग बनाता है।

अब सबकी नजर इस बात पर है कि बालेन शाह अपने कार्यकाल में किस तरह के सुधार लागू करते हैं और देश को आर्थिक व सामाजिक रूप से किस दिशा में आगे ले जाते हैं। उनकी सरकार से पारदर्शिता, विकास और युवाओं के लिए बेहतर अवसरों की उम्मीद की जा रही है।

कुल मिलाकर, बालेन शाह का प्रधानमंत्री बनना न केवल एक राजनीतिक बदलाव है, बल्कि यह नेपाल में नई सोच और नई राजनीति के उदय का प्रतीक भी है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *