23 Mar 2026, Mon

डीपफेक पर बड़ा एक्शन, YouTube ने बैन किया ये भारतीय चैनल, एआई से वीडियो बनाने वालों की खैर नहीं

नई दिल्ली, भारत। वीडियो स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म YouTube ने दो चैनल्स को बैन कर दिया है, जिनमें से एक भारतीय चैनल है। इन चैनल्स पर एआई की मदद से मिसलीडिंग वीडियो और मूवी ट्रेलर अपलोड किए जाते थे। YouTube ने इस कदम को कॉन्टेंट पॉलिसी का उल्लंघन बताते हुए उठाया है।

गूगल के वीडियो प्लेटफॉर्म ने अमेरिकी जॉर्जिया के KH स्टूडियो और भारत के स्क्रीन कल्चर चैनल को बैन किया है। इसके साथ ही प्लेटफॉर्म ने इन चैनल्स की मॉनेटाइजेशन सेवाओं को भी सस्पेंड कर दिया है।

क्या था उल्लंघन?

रिपोर्ट के अनुसार, इन चैनल्स पर मूवी के ऑफिशियल फुटेज के साथ AI जेनरेटेड इमेज लगाकर फर्जी ट्रेलर अपलोड किए जाते थे। इन वीडियोस के जरिए चैनल्स व्यूज और लाइक्स बटोरते थे और एड्स के जरिए कमाई करते थे।

यूट्यूब प्रवक्ता जैक मालोन ने बताया कि शुरुआत में चैनल्स को जरूरी बदलाव करने का मौका दिया गया था। लेकिन इसके बावजूद चैनल्स ने स्पैम और मिसलीडिंग कॉन्टेंट अपलोड करना जारी रखा, जो कि YouTube की मिसलीडिंग मेटाडेटा पॉलिसी का उल्लंघन था।

YouTube की कॉन्टेंट पॉलिसी

YouTube की पॉलिसी के मुताबिक, यदि किसी चैनल द्वारा:

  • फर्जी थंबनेल, टाइटल या फूटेज अपलोड किया जाए,

  • व्यूज और ऐड रेवेन्यू कमाने के लिए मिसलीडिंग कॉन्टेंट डाला जाए,

तो प्लेटफॉर्म सख्त कार्रवाई कर सकता है। इसमें शुरुआती सस्पेंशन से लेकर चैनल बैन तक की कार्रवाई शामिल है।

यूट्यूब लगातार अपनी कॉन्टेंट पॉलिसी अपडेट करता रहता है ताकि प्लेटफॉर्म पर भरोसेमंद और सुरक्षित सामग्री उपलब्ध हो। AI जेनरेटेड कंटेंट के बढ़ते इस्तेमाल के कारण यह पॉलिसी और भी महत्वपूर्ण हो गई है।

भारत और ग्लोबल क्रिएटर्स के लिए चेतावनी

इस घटना से यह साफ संदेश जाता है कि मिसलीडिंग एआई कंटेंट अपलोड करने वाले चैनल्स को बैन किया जा सकता है। क्रिएटर्स को सलाह दी जाती है कि वे फेक वीडियो और मेटाडेटा का इस्तेमाल न करें और हमेशा सही जानकारी और वास्तविक फुटेज का उपयोग करें।

विशेषज्ञों का मानना है कि AI तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल के साथ, डिजिटल प्लेटफॉर्म्स को सख्त नियम और मॉनिटरिंग लागू करना जरूरी हो गया है। YouTube की यह कार्रवाई इस दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।

निष्कर्ष

YouTube ने भारतीय और विदेशी चैनल्स पर कार्रवाई करके यह साबित कर दिया कि AI और मिसलीडिंग कॉन्टेंट को लेकर कोई समझौता नहीं होगा। चैनल्स और क्रिएटर्स को सावधान रहना होगा और पॉलिसी का पालन करना अनिवार्य है।

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