Silver Price Outlook: क्या अगले 4-6 हफ्तों में सोने से बेहतर रिटर्न देगी चांदी?
सोने और चांदी की कीमतों में पिछले कुछ समय से सीमित दायरे में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। हालांकि, बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले हफ्तों में चांदी सोने की तुलना में बेहतर प्रदर्शन कर सकती है। केडिया एडवाइजरी के डायरेक्टर Ajay Kedia ने टेक्निकल और फंडामेंटल संकेतों के आधार पर चांदी की कीमतों में संभावित तेजी का अनुमान जताया है।
गोल्ड-सिल्वर रेश्यो दे रहा बड़ा संकेत
अजय केडिया के मुताबिक, गोल्ड-सिल्वर रेश्यो (GSR) गिरकर 59.40–60 के आसपास आ गया है। यह स्तर इस बात का संकेत है कि चांदी अब सोने के मुकाबले मजबूती दिखा रही है। आमतौर पर जब यह रेश्यो ऊपर जाता है, तो इसका मतलब होता है कि सोना महंगा है या चांदी सस्ती। वहीं जब यह नीचे आता है, तो चांदी की कीमतों में तेजी आने की संभावना बढ़ जाती है।
पहले यह रेश्यो 107 तक पहुंच गया था, जो ऐतिहासिक रूप से काफी ऊंचा स्तर माना जाता है। वहां से गिरकर 60 के करीब आना इस बात का संकेत है कि चांदी ने मजबूत रिकवरी की है और आगे भी रफ्तार पकड़ सकती है।
इंडस्ट्रियल डिमांड से मिल रहा सपोर्ट
चांदी की कीमतों में संभावित तेजी के पीछे मजबूत औद्योगिक मांग भी एक अहम वजह है। सोलर पैनल, इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग में चांदी का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल होता है। ग्रीन एनर्जी और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की बढ़ती मांग के चलते चांदी की खपत लगातार बढ़ रही है।
इसके अलावा, बाजार में सप्लाई उतनी तेजी से नहीं बढ़ पा रही है, जितनी डिमांड है। इस असंतुलन के कारण कीमतों को सपोर्ट मिल रहा है। निवेश के नजरिए से भी चांदी अभी सोने के मुकाबले ज्यादा आकर्षक और अपेक्षाकृत सस्ती मानी जा रही है।
टेक्निकल संकेत क्या कहते हैं?
टेक्निकल चार्ट्स के अनुसार, चांदी फिलहाल ‘ओवरसोल्ड’ जोन से बाहर निकलने की तैयारी में है। RSI (Relative Strength Index) इंडिकेटर काफी नीचे था, जो संकेत देता है कि बिकवाली का दबाव कम हो सकता है और कीमतों में उछाल आ सकता है।
अजय केडिया का कहना है कि अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी 75 डॉलर प्रति औंस के ऊपर टिकती है, तो इसमें 94.50 डॉलर तक जाने की संभावना बन सकती है। उनके मुताबिक, अगले 4 से 6 हफ्तों में चांदी सोने से बेहतर प्रदर्शन कर सकती है।
निवेशकों के लिए क्या है रणनीति?
विशेषज्ञों का मानना है कि जिन निवेशकों का झुकाव कमोडिटी मार्केट की ओर है, वे चांदी पर नजर रख सकते हैं। हालांकि, बाजार में अस्थिरता बनी हुई है, इसलिए निवेश से पहले जोखिम का आकलन करना जरूरी है।
कुल मिलाकर, मजबूत इंडस्ट्रियल डिमांड, सप्लाई की कमी और अनुकूल टेक्निकल संकेत चांदी की कीमतों को सपोर्ट दे रहे हैं। अगर वैश्विक आर्थिक हालात स्थिर रहते हैं, तो चांदी आने वाले हफ्तों में निवेशकों को बेहतर रिटर्न दे सकती है।

