11 Apr 2026, Sat

कश्मीर में लश्कर-ए-तैयबा के नेटवर्क का भंडाफोड़, 16 साल से फरार चल रहे आतंकी सरगना अबू हुरैरा समेत 5 गिरफ्तार

Jammu & Kashmir Terror Module Busted: लश्कर-ए-तैयबा नेटवर्क का भंडाफोड़, 5 गिरफ्तार

जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा एजेंसियों ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के एक अंतरराज्यीय नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। इस संयुक्त ऑपरेशन को जम्मू और कश्मीर पुलिस और केंद्रीय जांच एजेंसियों ने मिलकर अंजाम दिया, जिसमें जम्मू-कश्मीर के साथ-साथ राजस्थान और हरियाणा में भी छापेमारी की गई।

5 आतंकियों की गिरफ्तारी

इस कार्रवाई के दौरान कुल 5 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें श्रीनगर से अब्दुल्ला उर्फ अबू हुरैरा भी शामिल है। अब्दुल्ला पिछले 16 वर्षों से फरार था और इस दौरान उसने भारत के बाहर रहकर लश्कर-ए-तैयबा के नेटवर्क को मजबूत करने का काम किया। इसके अलावा, एक पाकिस्तानी आतंकी उस्मान उर्फ खुबैब को भी गिरफ्तार किया गया है।

19 जगहों पर एक साथ छापेमारी

जांच एजेंसियों ने इस ऑपरेशन के तहत कुल 19 जगहों पर एक साथ छापेमारी की। इन छापों के दौरान कई आपत्तिजनक सामग्री और संदिग्ध दस्तावेज भी बरामद किए गए हैं। अधिकारियों के मुताबिक, यह नेटवर्क आतंकियों को रसद, फंडिंग और सुरक्षित ठिकाने उपलब्ध कराने में सक्रिय था।

श्रीनगर से जुड़े आरोपी

गिरफ्तार किए गए पांच लोगों में से तीन आरोपी श्रीनगर के रहने वाले हैं। इनकी पहचान मोहम्मद नकीब भट, आदिल राशिद भट और गुलाम मोहम्मद मीर उर्फ मामा के रूप में हुई है। इन पर आरोप है कि वे आतंकियों को आश्रय देने के साथ-साथ उन्हें भोजन और अन्य जरूरी सहायता भी उपलब्ध कराते थे।

16 साल से सक्रिय नेटवर्क

जांच में सामने आया है कि यह आतंकी नेटवर्क पिछले करीब 16 वर्षों से सक्रिय था। इस दौरान ये आतंकवादी कश्मीर घाटी के अलग-अलग इलाकों में सक्रिय रहे और कई विदेशी आतंकियों को संभालने का काम किया। रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने करीब 40 विदेशी आतंकवादियों को सहायता और नेतृत्व प्रदान किया, जिनमें से कई को सुरक्षा बलों ने मुठभेड़ों में मार गिराया है।

फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल

अधिकारियों ने यह भी बताया कि गिरफ्तार आतंकियों ने जाली दस्तावेजों और पहचान पत्रों की मदद से देश के भीतर और बाहर आवाजाही की थी। इस तरह वे लंबे समय तक सुरक्षा एजेंसियों की नजरों से बचते रहे।

सुरक्षा एजेंसियों की बड़ी सफलता

यह कार्रवाई सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक बड़ी सफलता मानी जा रही है, क्योंकि इससे लश्कर-ए-तैयबा के एक गहरे और सक्रिय नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है। इस नेटवर्क के जरिए आतंकियों को न केवल शरण दी जा रही थी, बल्कि उन्हें भारत में अपने गतिविधियों को फैलाने में भी मदद मिल रही थी।

आगे की जांच जारी

फिलहाल गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है और एजेंसियां इस पूरे नेटवर्क के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी हैं। जांच अधिकारियों का मानना है कि इस खुलासे के बाद आतंकी गतिविधियों पर बड़ा असर पड़ेगा और भविष्य में ऐसी साजिशों को रोकने में मदद मिलेगी।

निष्कर्ष

जम्मू-कश्मीर में हुआ यह ऑपरेशन आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस कार्रवाई ने साबित कर दिया है कि सुरक्षा एजेंसियां किसी भी तरह के आतंकी नेटवर्क को खत्म करने के लिए पूरी तरह सतर्क और सक्रिय हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *