वैश्विक बाजार में उथल-पुथल के बीच सोमवार को सोने और चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। निवेशकों की मुनाफावसूली और हालिया तेजी के बाद आए करेक्शन के चलते कीमती धातुओं के दामों में भारी गिरावट देखने को मिली है।
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी Multi Commodity Exchange (MCX) पर सोने की कीमतों में जोरदार गिरावट आई। सुबह 11:08 बजे 2 अप्रैल डिलीवरी वाले सोने का भाव 5.40 फीसदी टूटकर 1,36,694 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। इससे पहले शुक्रवार को सोना 1,44,825 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। यानी एक ही सत्र में सोने की कीमत करीब 8,131 रुपये तक गिर गई।
चांदी की कीमतों में भी इससे बड़ी गिरावट दर्ज की गई। 5 मई डिलीवरी वाली चांदी 6.64 फीसदी टूटकर 2,11,723 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई। पिछले सत्र में इसका भाव 2,27,470 रुपये प्रति किलोग्राम था। इस तरह चांदी करीब 15,747 रुपये सस्ती हो गई। लगातार कई सत्रों से सोना और चांदी दोनों में गिरावट का ट्रेंड बना हुआ है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस गिरावट की सबसे बड़ी वजह हालिया तेजी के बाद आया करेक्शन है। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के शुरुआती दौर में निवेशकों ने सोने-चांदी में जमकर निवेश किया था, जिससे इनके दाम रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गए थे। अब निवेशक मुनाफा वसूली कर रहे हैं, जिससे कीमतों पर दबाव बना है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ग्लोबल मार्केट में सोने का भाव 4,400 डॉलर प्रति औंस के नीचे फिसल गया है। यह लगातार चौथा सप्ताह है जब सोना बिकवाली के दबाव में है।
मिडिल ईस्ट में जारी भू-राजनीतिक तनाव भी बाजार को प्रभावित कर रहा है। Strait of Hormuz को लेकर बढ़ते टकराव ने निवेशकों की चिंता बढ़ाई है। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान को चेतावनी दी है, जिससे स्थिति और तनावपूर्ण हो गई है। इस अनिश्चित माहौल में निवेशक अपनी रणनीति बदल रहे हैं।
भारत के प्रमुख शहरों में भी सोने के दामों में गिरावट देखने को मिली है। दिल्ली में 24 कैरेट सोना करीब 14,017 रुपये प्रति ग्राम पर कारोबार कर रहा है, जबकि मुंबई, कोलकाता और बेंगलुरु में यह लगभग 14,002 रुपये प्रति ग्राम के आसपास है। चेन्नई में सोना थोड़ा महंगा है, जहां 24 कैरेट की कीमत 14,128 रुपये प्रति ग्राम दर्ज की गई।
मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि आने वाले दिनों में सोने और चांदी की कीमतों में और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। महंगाई, ब्याज दरों और वैश्विक तनाव जैसे कारक इनकी कीमतों को प्रभावित करते रहेंगे। खासतौर पर अमेरिकी फेडरल रिजर्व की नीतियों पर भी निवेशकों की नजर बनी हुई है, क्योंकि ब्याज दरों में संभावित बदलाव का असर सीधे तौर पर सोने की कीमतों पर पड़ता है।
कुल मिलाकर, हालिया गिरावट को बाजार में एक सामान्य करेक्शन के तौर पर देखा जा रहा है, लेकिन निवेशकों को अभी भी सतर्क रहने की जरूरत है क्योंकि वैश्विक हालात पूरी तरह स्थिर नहीं हैं।

