उत्तराखंड के तीर्थ और पर्यटन नगरी ऋषिकेश में हाल ही में बने नए ग्लास ब्रिज को लेकर एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। यह ब्रिज, जिसे बजरंग सेतु भी कहा जा रहा है, अपने कांच के फर्श और शानदार दृश्य के कारण पर्यटकों के बीच आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। लेकिन इसी बीच सामने आए एक वीडियो ने इसकी सुरक्षा और लोगों के व्यवहार पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
वायरल वीडियो में कई पर्यटक इस कांच के पुल पर भारी ट्रॉली बैग घसीटते हुए चलते नजर आ रहे हैं। पारदर्शी ग्लास फ्लोर पर बड़े-बड़े सूटकेस खींचते हुए लोगों का यह व्यवहार न सिर्फ चौंकाने वाला है, बल्कि इसे लेकर सोशल मीडिया पर जमकर आलोचना भी हो रही है। वीडियो में कुछ पर्यटक हाई हील्स पहनकर भी ब्रिज पर चलते दिखाई देते हैं, जिसे व्लॉगर और दर्शकों ने बेहद असावधानीपूर्ण बताया है।
यह वीडियो यूट्यूब चैनल @DeepakVediVlogs पर शेयर किया गया है, जिसमें व्लॉगर पहले ब्रिज की खूबसूरती और अनोखे डिजाइन को दिखाता है, लेकिन जैसे ही वह लोगों की लापरवाही देखता है, उसका रिएक्शन बदल जाता है। व्लॉगर वीडियो में कहता है कि ब्रिज अभी नया ही खुला है और लोग बिना किसी जिम्मेदारी के इसका इस्तेमाल कर रहे हैं। उसने इसे “जीरो सिविक सेंस” का उदाहरण बताया।
व्लॉगर के अनुसार, कुछ लोग ब्रिज पर कूदते, रील बनाते और फोटो शूट करते भी नजर आए, जिससे न केवल संरचना को नुकसान पहुंचने का खतरा है बल्कि सुरक्षा भी प्रभावित हो सकती है। खासतौर पर कांच के फर्श पर भारी सामान घसीटना और अनियंत्रित भीड़-भाड़ चिंता का विषय बन गया है।
सोशल मीडिया पर इस वीडियो को लेकर यूजर्स की मिली-जुली प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। कई लोगों ने पर्यटकों के व्यवहार की आलोचना करते हुए कहा कि सार्वजनिक संपत्ति का सम्मान करना जरूरी है। कुछ यूजर्स ने लिखा कि समस्या सिर्फ डिजाइन की नहीं, बल्कि लोगों की लापरवाही भी बड़ी वजह है। वहीं कुछ लोगों ने आशंका जताई कि इस तरह की लापरवाही किसी बड़े हादसे को जन्म दे सकती है।
ऋषिकेश का यह ग्लास ब्रिज अपनी शुरुआत से ही चर्चा में रहा है, लेकिन अब यह वीडियो एक बार फिर से इस बात पर बहस छेड़ रहा है कि पर्यटन स्थलों पर जिम्मेदार व्यवहार कितना जरूरी है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि पर्यटक नियमों का पालन करें, तो ऐसे आकर्षक संरचनाएं लंबे समय तक सुरक्षित और टिकाऊ रह सकती हैं।
कुल मिलाकर, यह वायरल वीडियो सिर्फ एक घटना नहीं बल्कि एक चेतावनी भी है कि पर्यटन का आनंद लेते समय जिम्मेदारी और सावधानी दोनों बेहद जरूरी हैं।

