मिडिल ईस्ट में बढ़ता तनाव: ट्रंप के दावे, मिसाइल हमले और कूटनीतिक हलचल तेज
मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच हालात और गंभीर होते जा रहे हैं। Donald Trump ने दावा किया है कि Iran ने Strait of Hormuz से तेल से लदे 20 जहाजों को गुजरने की अनुमति देने पर सहमति जताई है। ट्रंप के मुताबिक, यह प्रक्रिया सोमवार सुबह से शुरू होकर अगले कुछ दिनों तक जारी रहेगी। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत में “काफी प्रगति” हुई है, लेकिन ईरान पर पूरी तरह भरोसा करना अभी भी मुश्किल है।
ट्रंप ने यह बयान ‘एयर फोर्स वन’ में पत्रकारों से बातचीत के दौरान दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि अमेरिका एक तरफ कूटनीतिक बातचीत कर रहा है, वहीं दूसरी ओर जरूरत पड़ने पर सैन्य कार्रवाई से भी पीछे नहीं हट रहा। ट्रंप के अनुसार, अमेरिका ईरान के साथ प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष दोनों माध्यमों से संवाद कर रहा है और कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर सहमति बनती नजर आ रही है।
इस बीच, ट्रंप ने फारस की खाड़ी में स्थित ईरान के प्रमुख तेल टर्मिनल Kharg Island पर कब्जा करने की संभावना भी जताई है। एक साक्षात्कार में उन्होंने कहा कि अमेरिका के पास कई विकल्प हैं और जरूरत पड़ने पर खर्ग द्वीप पर सैन्य नियंत्रण स्थापित किया जा सकता है। उन्होंने यह भी दावा किया कि ईरान की रक्षा व्यवस्था कमजोर है और अमेरिका इसे आसानी से अपने नियंत्रण में ले सकता है।
दूसरी ओर, ईरान ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए चेतावनी दी है कि अगर अमेरिकी सेना उसके क्षेत्र में प्रवेश करती है, तो वह खाड़ी के अरब देशों पर जमीनी हमला कर सकता है। इससे पूरे क्षेत्र में युद्ध का खतरा और बढ़ गया है।
इस तनाव के बीच क्षेत्रीय घटनाएं भी तेजी से बदल रही हैं। Saudi Arabia ने दावा किया है कि उसने पांच बैलिस्टिक मिसाइलों को सफलतापूर्वक रोक दिया, जो उसके तेल समृद्ध पूर्वी प्रांत को निशाना बना रही थीं। वहीं Lebanon के दक्षिणी हिस्से में एक मिसाइल हमले में संयुक्त राष्ट्र के एक शांति सैनिक की मौत हो गई और एक अन्य गंभीर रूप से घायल हो गया। हमले का स्रोत अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है।
इसी दौरान Kuwait से भी दुखद खबर सामने आई है, जहां एक बिजली और जल शोधन संयंत्र पर हुए हमले में एक भारतीय कर्मचारी की मौत हो गई। कुवैत सरकार के अनुसार, यह हमला ईरानी आक्रामकता के तहत किया गया, जिससे इमारत को भी भारी नुकसान पहुंचा।
राजनीतिक स्तर पर भी हलचल तेज है। United States का दावा है कि ईरान ने युद्ध समाप्त करने के लिए रखी गई कई शर्तों को मान लिया है। वहीं ईरान के सर्वोच्च नेता Ayatollah Mojtaba Khamenei ने इराक के समर्थन की सराहना की है। इराक में ईरान समर्थित मिलिशिया द्वारा अमेरिकी ठिकानों पर हमले भी किए गए हैं, जिससे संघर्ष और जटिल हो गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा हालात एक बड़े क्षेत्रीय युद्ध की ओर संकेत कर सकते हैं, अगर कूटनीतिक प्रयास जल्द सफल नहीं होते। फिलहाल, पूरी दुनिया की नजरें मध्य पूर्व पर टिकी हैं, जहां हर दिन नए घटनाक्रम सामने आ रहे हैं और स्थिति लगातार बदल रही है।

