7 Apr 2026, Tue

असम के बरपेटा में पीएम मोदी की जनसभा, कहा- ‘कांग्रेस की हार की सेंचुरी लगेगी’

असम चुनाव: पीएम मोदी का कांग्रेस पर हमला, बोले- “हार की सेंचुरी बनाएगी जनता”

असम विधानसभा चुनाव से पहले सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। इसी क्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस पर जोरदार हमला बोला है। बरपेटा में आयोजित एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि इस बार कांग्रेस की हार “सेंचुरी” के पार जाएगी और असम की जनता नया रिकॉर्ड बनाएगी।

प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में कहा कि असम की जनता ने इस चुनाव में दो बड़े फैसले कर लिए हैं। पहला, राज्य में भारतीय जनता पार्टी और एनडीए गठबंधन की लगातार तीसरी बार सरकार बनेगी, यानी “हैट्रिक” तय है। दूसरा, कांग्रेस की लगातार हार का आंकड़ा इतना बढ़ेगा कि वह “सेंचुरी” पार कर जाएगा।

पीएम मोदी ने कांग्रेस पर दूरदृष्टि की कमी का आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी के पास न तो स्पष्ट नीति है और न ही भविष्य के लिए कोई ठोस विजन। उन्होंने कहा कि यही कारण है कि कांग्रेस को देशभर में लगातार चुनावी हार का सामना करना पड़ रहा है। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि कांग्रेस केवल सत्ता के लिए राजनीति करती है, जबकि भाजपा विकास और जनहित के मुद्दों पर काम करती है।

अपने संबोधन में उन्होंने “शाही परिवार” का जिक्र करते हुए कांग्रेस नेतृत्व पर भी निशाना साधा। बिना किसी का नाम लिए उन्होंने कहा कि दिल्ली में बैठे “नामदार” जनता की नब्ज को समझने में पूरी तरह असफल रहे हैं और इसका परिणाम उन्हें हर चुनाव में हार के रूप में मिल रहा है।

प्रधानमंत्री ने असम में अपनी सरकार की उपलब्धियों को भी गिनाया। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में राज्य में विकास की गति तेज हुई है, इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत हुआ है और शांति व्यवस्था में सुधार आया है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा सरकार ने असम को नई दिशा दी है और आने वाले समय में यह विकास और तेज होगा।

रैली के दौरान पीएम मोदी ने मतदाताओं से अपील की कि वे एक बार फिर भाजपा को मौका दें, ताकि विकास की यह गति बनी रहे। उन्होंने कहा कि असम को “डबल इंजन सरकार” का फायदा मिला है और इसे आगे भी जारी रखना जरूरी है।

वहीं, कांग्रेस ने प्रधानमंत्री के इन बयानों पर पलटवार करते हुए कहा है कि जनता वास्तविक मुद्दों पर जवाब देगी। पार्टी नेताओं का कहना है कि बेरोजगारी, महंगाई और स्थानीय समस्याएं इस चुनाव में प्रमुख मुद्दे हैं और जनता इन्हीं के आधार पर फैसला करेगी।

असम में चुनावी माहौल अब पूरी तरह गर्म हो चुका है। सभी प्रमुख दल अपनी-अपनी रणनीति के साथ मैदान में हैं और मतदाताओं को लुभाने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसे में पीएम मोदी का यह बयान चुनावी बहस को और तेज कर सकता है।

कुल मिलाकर, चुनाव से पहले राजनीतिक बयानबाजी अपने चरम पर है और अब नजरें 9 अप्रैल को होने वाले मतदान और उसके नतीजों पर टिकी हैं, जो असम की राजनीति की दिशा तय करेंगे।

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