11 Feb 2026, Wed

अजित पवार के प्लेन क्रैश की प्राथमिक जांच रिपोर्ट सामने आई, हादसे के ये 2 कारण पता चले

मुंबई/बारामती: महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और एनसीपी नेता अजित पवार के विमान हादसे की प्राथमिक जांच रिपोर्ट में अब तक दो महत्वपूर्ण वजहें सामने आई हैं। जनवरी के अंत में बारामती हवाई अड्डे पर हुए Learjet विमान के क्रैश में पवार समेत विमान में सवार सभी पांच लोगों की मौत हो गई थी। दुर्घटना के कारणों की जांच जारी है और शुरुआती रिपोर्ट में अब तक “कम विजिबिलिटी के बावजूद लैंडिंग करने की कोशिश” और “संभावित तकनीकी समस्या” को मुख्य कारण बताया जा रहा है।

डीजीसीए (सिविल एविएशन महानिदेशालय) और जांच एजेंसियों ने दुर्घटना की शुरुआती पड़ताल के बाद पाया है कि बारामती एयरफील्ड पर सुबह के समय मौसम बेहद धुंधला था और रनवे की विजिबिलिटी बहुत कम थी। इसके बावजूद विमान ने लैंडिंग के लिए दूसरा प्रयास किया, जो दुर्घटना की दिशा में अहम मोड़ साबित हुआ। जानकारी के मुताबिक, पहले लैंडिंग प्रयास के दौरान रनवे दिखाई नहीं देने पर ‘गो-अराउंड’ किया गया था लेकिन दूसरे प्रयास में पायलट ने रनवे की पुष्टि होने के बाद उतरने की कोशिश जारी रखी और तभी विमान रनवे से पहले क्रैश हो गया।

शुरुआती रिपोर्ट का कहना है कि बारामती के धूसर मौसम और कोहरे में रनवे हद तक न दिखना दुर्घटना की बड़ी वजह रहा, क्योंकि हवाई अड्डे पर Instrument Landing System (ILS) उपलब्ध नहीं है, जिससे पायलटों को विजुअल दृष्टि पर ही लैंडिंग करनी पड़ती थी। इसी वजह से पहली कोशिश में पायलट ने लैंडिंग रोकी थी, लेकिन दूसरे प्रयास में लैंडिंग जारी रखी गई और विमान कम ऊँचाई पर कंट्रोल खो बैठा।

दूसरी तरफ, जांच में टेक्निकल या तकनीकी कारणों की भी संभावना तलाश की जा रही है। ब्लैक बॉक्स (Flight Data Recorder और Cockpit Voice Recorder) का डेटा रिकवरी काम चल रहा है, और उसके मिलते ही जांच समिति पूरी दुर्घटना रिपोर्ट और असली कारणों का खुलासा करेगी। शुरुआती जांच में कुछ संकेत ऐसे भी मिले हैं जिनसे पता चलता है कि अप्रोच स्पीड और विमान की संतुलन स्थिति लैंडिंग के दौरान सामान्य स्तर से बाहर थी, जो तकनीकी समस्या या पायलट के निर्णय से जुड़ी हो सकती है।

इस दर्दनाक हादसे के बाद राज्य भर में शोक की लहर दौड़ गई थी। पवार महाराष्ट्र के एक प्रभावशाली नेता थे और उनके निधन से राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भारी प्रतिक्रिया देखने को मिली। राज्य सरकार ने तीन दिनों का शोक घोषित किया और पूरे मामले की गंभीरता से जांच कराने के निर्देश दिए। डीजीसीए ने विमान ऑपरेटर और चार्टर्ड कंपनी के एविएशन रिकॉर्ड और सेफ्टी प्रोटोकॉल का विस्तृत ऑडिट करने का भी निर्णय लिया है।

अजित पवार के निधन से राजनीति में उठती लहर और हादसे के असली कारणों का खुलासा अब ब्लैक बॉक्स डेटा के आने के बाद होगा। तब तक प्राथमिक रिपोर्ट के इन कारणों— कम विजिबिलिटी में लैंडिंग और संभावित तकनीकी समस्या— पर जांच केंद्रित है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *